गुरु 8 अक्टूबर को आश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में जाएंगे, तीन राशियों को रहना होगा सतर्क
ज्योतिष के मुताबिक गुरु गुरुवार, 8 अक्टूबर को आश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे, मिथुन, सिंह और धनु राशि वालों को संभलकर चलने की सलाह है।
ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक गुरु ग्रह को ज्ञान, भाग्य, धर्म और संतान का प्रमुख कारक माना जाता है। इस वक्त गुरु कर्क राशि में हैं और आश्लेषा नक्षत्र के तीसरे चरण में चल रहे हैं।
गुरुवार, 8 अक्टूबर को गुरु आश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे। नक्षत्र में होने वाले इस बदलाव से कुछ राशियों के लिए हालात चुनौती भरे हो सकते हैं।
इस दौरान फैसले लेने में उलझन, काम में रुकावट और योजनाओं में देरी जैसी स्थितियां बन सकती हैं। जिम्मेदारियां बढ़ने से मानसिक दबाव भी महसूस हो सकता है। पैसों के मामलों में भी सावधानी रखना जरूरी होगा। आइए जानते हैं कि गुरु के इस नक्षत्र बदलाव से किन राशियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
मिथुन राशि: गुरु के आश्लेषा नक्षत्र में जाने से इस राशि के लोगों को कुछ परेशानियां आ सकती हैं। ऑफिस और काम की जगह पर बढ़े हुए दबाव से तनाव हो सकता है। वरिष्ठों से मतभेद की आशंका है और जिम्मेदारियां भी बढ़ सकती हैं। साथियों से उम्मीद के मुताबिक साथ न मिला तो काम पर असर पड़ सकता है। कारोबार में सावधानी रखना जरूरी है। घर-परिवार के मामलों में भी मतभेद पैदा हो सकते हैं। छोटी-छोटी बातों पर जीवनसाथी के साथ होने वाली अनबन रिश्ते में कड़वाहट ला सकती है।
सिंह राशि: इस राशि के लोगों के लिए यह वक्त थोड़ा चुनौती भरा हो सकता है। हिम्मत और आत्मविश्वास की कमी महसूस हो सकती है, जिससे अपनी बात रखना मुश्किल होगा। काम की जगह पर फैसले लेने का दबाव बढ़ सकता है और किस्मत भी उतना साथ नहीं देगी। साझेदारी वाले कारोबार में मतभेद की वजह से नुकसान होने की आशंका है। जीवनसाथी के साथ पुराने मतभेद बढ़ सकते हैं। प्रेम जीवन में भी तनाव रहेगा और रिश्ते में बढ़ती गलतफहमियों से दूरी आ सकती है।
धनु राशि: गुरु के गोचर से धनु राशि वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शादीशुदा जिंदगी में मामूली बातों पर तनाव बढ़ सकता है। नौकरी करने वालों को काम की जगह पर दबाव और चुनौतियों से जूझना पड़ सकता है। की गई मेहनत का मनचाहा नतीजा न मिलने पर निराशा हो सकती है। जरूरी कामों में देरी हो सकती है और नई जिम्मेदारियां आने की संभावना रहती है।
उपाय: गुरु दोष कम करने के लिए पानी में हल्दी मिलाकर स्नान करें। रोज या गुरुवार को भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु यानी गुरु ग्रह की पूजा करें। "ओम ग्राम ग्रीं ग्रौम सह गुर्वे नमः" या "ओम ब्रिम बृहस्पतेय नमः" गुरु मंत्र का जाप करें। इसके अलावा गुरुवार को दाल और कपड़ों जैसी पीली चीजों का दान करें। केले के पेड़ की पूजा करें और अपने गुरुओं का सम्मान करें।
धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई जैसे विषयों की ये जानकारियां सिर्फ पाठकों की जानकारी के लिए हैं। इनसे जुड़ा कोई भी प्रयोग करने से पहले जानकारों की सलाह लेना जरूरी है।