बुधवार, 16 सितमबर 2026

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21:54 IST

ग्रीक शतरंज खिलाड़ी स्टावरोउला त्सोलाकिडू बनीं प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट, जीती जावा ऑल स्टार्स 42 बॉबर सिल्वर

ग्रीक शतरंज खिलाड़ी स्टावरोउला त्सोलाकिडू बनीं प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट, जीती जावा ऑल स्टार्स 42 बॉबर सिल्वर
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

ग्लोबल चेस लीग 2026 के चौथे सीजन में ग्रीस की शतरंज खिलाड़ी स्टावरोउला त्सोलाकिडू ने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का किताब जीत लिया है। इसके साथ ही उन्हें इनाम में जावा ऑल स्टार्स 42 बॉबर सिल्वर नाइट मोटरसाइकिल भी मिली है। स्टावरोउला FIDE की इंटरनेशनल मास्टर और वूमन ग्रैंडमास्टर हैं।

टूर्नामेंट में स्टावरोउला गैंगेस ग्रैंडमास्टर्स टीम की तरफ से खेल रही थीं। उनकी शानदार परफॉर्मेंस की बदौलत इस टीम ने पहली बार ग्लोबल चेस लीग का खिताब जीता। इसी वजह से स्टावरोउला को टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में गिना गया।

स्टावरोउला की शुरुआत टूर्नामेंट में अच्छी नहीं रही थी। शुरुआती हार के बाद उन्होंने जिस तरह वापसी की और अपनी जगह फिर से बनाई, उसी वजह से उनकी यह जीत खास मानी जा रही है। इसी शानदार कमबैक की वजह से उन्हें ग्रीक गॉडेस का उपनाम भी मिला है।

क्लासिक लीजेंड्स के सह-संस्थापक अनुपम थरेजा ने कहा कि स्टावरोउला का सफर सिर्फ जीत तक सीमित नहीं था, यह उससे कहीं ज्यादा था। उन्होंने कहा कि स्टावरोउला ने शुरुआती हार का सामना किया, हिम्मत नहीं हारी और लगातार कोशिश करते हुए अपनी जगह बनाई। थरेजा ने यह भी कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा इस बात ने प्रभावित किया कि स्टावरोउला ने अपनी यह जीत अपनी टीम के साथ शेयर की और यह माना कि व्यक्तिगत जीत के पीछे अक्सर पूरी टीम का साथ होता है। उनके मुताबिक व्यक्तित्व, अपनापन और टीम भावना का यही संतुलन ऑल स्टार्स चैप्टर की खासियत है। थरेजा ने कहा कि सिल्वर नाइट बॉबर के जरिए वे इसी जज्बे को सेलिब्रेट करना चाहते हैं और उस खिलाड़ी को सम्मानित करना चाहते हैं जो इस भावना को सही मायनों में जीता है।

जावा ऑल स्टार्स 42 बॉबर सिल्वर नाइट को बेंगलुरु में ग्लोबल चेस लीग के चौथे सीजन के उद्घाटन के दौरान महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने लॉन्च किया। यह मोटरसाइकिल खास तौर पर उन लोगों को श्रद्धांजलि के तौर पर बनाई गई है जो खुद पर भरोसा रखते हैं और साथ चलने वालों का भी ख्याल रखते हैं। स्टावरोउला का इस टूर्नामेंट का सफर इसी भावना को दिखाता है, इसलिए उन्हें इस बाइक की पहली विजेता बनना पूरी तरह सही लगा।

स्टावरोउला की यह जीत और उन्हें मिली सिल्वर नाइट बॉबर इस बात का सबूत है कि एक चैंपियन के पीछे क्या होता है, यानी धैर्य, हिम्मत और मुश्किलों से और मजबूत होकर निकलने की ताकत। जावा ऑल स्टार्स 42 बॉबर सिल्वर नाइट की पहली विजेता के तौर पर स्टावरोउला यह दिखाती हैं कि असली ऑल स्टार होने का मतलब क्या होता है, यानी ऐसा इंसान जो अपनी चाल पर भरोसा करता है, अपने उसूलों पर टिका रहता है और रास्ते में साथ वालों को भी आगे लेकर चलता है।

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