मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:48 IST

गोरेगांव मोरारजी मिल म्हाडा संकुल में फ्लैट 1811 खरीदा, नाम पर नहीं चढ़ा; NOC 1510 की मिली

गोरेगांव के मोरारजी मिल म्हाडा संकुल की एक रहिवासी का आरोप है कि प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी साल भर से घर उनके नाम पर नहीं हुआ।

गोरेगांव मोरारजी मिल म्हाडा संकुल में फ्लैट 1811 खरीदा, नाम पर नहीं चढ़ा; NOC 1510 की मिली
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

गोरेगांव के मोरारजी मिल म्हाडा संकुल 1 बी सहकारी गृहनिर्माण संस्था मर्यादित में घर खरीदने वाली एक रहिवासी साल भर से ज्यादा वक्त से अपने घर के मालिकाना हक का इंतजार कर रही हैं। रहिवासी प्रियांका पराग सुकी का आरोप है कि घर खरीदने के बाद सारी जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद घर उनके नाम पर नहीं हुआ है।

प्रियांका सुकी की दी हुई जानकारी के मुताबिक घर ट्रांसफर की प्रक्रिया 21 मार्च 2025 को शुरू की गई थी। इसके लिए सोसायटी में जरूरी अर्जी दी गई और 25 हजार रुपये का चेक भी दिया गया। सुकी ने रूम नंबर 1811 खरीदा है। उनका आरोप है कि उन्हें रूम नंबर 1811 की जगह रूम नंबर 1510 की NOC दे दी गई। उनका यह भी दावा है कि यह गलत NOC जानबूझकर दी गई।

सुकी का कहना है कि मार्च 2025 से सितंबर 2026 तक रूम नंबर 1811 उनके नाम पर ट्रांसफर नहीं हुआ है, जबकि जरूरी लेन-देन और कागजी कार्रवाई हो चुकी है। उनके मुताबिक इस दौरान सही NOC लेने और घर ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए सोसायटी से बार-बार खत-किताबत की गई और पीछा भी किया गया।

मामला सुलझ नहीं रहा था, इसलिए सुकी का दावा है कि पिछले साल भर से उन्हें अदालती प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ रहा है। बार-बार पीछा करने और कोर्ट के चक्कर लगाने के बाद भी मामले का आखिरी हल नहीं निकला है। उनका कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

प्रियांका सुकी ने यह आरोप भी लगाया है कि इमारत के एक कार्यकारी अधिकारी की तरफ से उन्हें मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जरूरी रकम भरने और प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी मालिकाना हक का ट्रांसफर क्यों अटका हुआ है, और रूम नंबर 1811 की जगह 1510 की NOC क्यों दी गई।

सुकी की मांग है कि संबंधित यंत्रणाएं पूरे मामले का संज्ञान लेकर सही जांच करें, घर ट्रांसफर की प्रक्रिया फौरन पूरी करें और उन्हें इंसाफ दिलाएं।

इस मामले में गोरेगांव के मोरारजी मिल म्हाडा संकुल सोसायटी के अध्यक्ष से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।

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