गोरेगांव में सार्वजनिक टॉयलेट में दो युवकों की मौत, केमिकल गैस की आशंका
मृणाल गोरे उड़ान पुल के पास टॉयलेट में दो युवक मृत मिले, पुलिस को शक टॉयलेट के बगल की इलेक्ट्रोप्लेटिंग फैक्ट्री से निकली गैस पर
मुंबई के गोरेगांव इलाके में राम मंदिर परिसर के पास एक सार्वजनिक टॉयलेट में दो युवकों की मौत हो गई। यह घटना मृणाल गोरे उड़ान पुल के नजदीक बने टॉयलेट में सुबह करीब 8.30 बजे हुई बताई जा रही है। शक जताया जा रहा है कि इन दोनों की मौत किसी केमिकल गैस की वजह से हुई है।
मरने वालों की पहचान प्रभाकर धनिवार (24) और भाविन देसाई (18) के तौर पर हुई है। दोनों को गोरेगांव के ट्रॉमाकेयर अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक इस टॉयलेट के बगल में ही एक केमिकल फैक्ट्री है, जहां एसिड और दूसरे केमिकल पदार्थों का इस्तेमाल होता है। ऐसा माना जा रहा है कि वहां से निकली गैस टॉयलेट में जमा हो गई, जिससे दम घुटने के कारण दोनों युवकों की जान चली गई।
घटना की खबर मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड, पुलिस, एंबुलेंस, MPCB (महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) और BMC (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) की टीमें पहुंच गईं और जांच शुरू कर दी। पुलिस मौत की असली वजह और टॉयलेट में कौन सा केमिकल पदार्थ पहुंचा, इसकी जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक टॉयलेट के बगल में गटर लाइन है और उससे सटा हुआ एक छोटा इलेक्ट्रोप्लेटिंग का कारखाना है। पुलिस का कहना है कि इसी केमिकल की गंध से दम घुटने की वजह से दोनों लड़कों की मौत हुई हो सकती है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया। लोगों ने मांग की कि दोनों युवकों को इंसाफ मिलना चाहिए, और चेतावनी दी कि अगर इंसाफ नहीं मिला तो वे आंदोलन पर बैठ जाएंगे। स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाया कि जहां लोग रहते हैं वहां केमिकल कंपनी कैसे चलाई जा रही है। उनका कहना है कि इस इलाके में करीब 60 परिवार रहते हैं और प्रशासन को इस केमिकल कंपनी पर कार्रवाई करनी चाहिए।
इलाके के लोकप्रतिनिधि रविंद्र वायकर भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने साफ कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।