गोंदिया में जादू-टोना के शक में बुजुर्ग की हत्या, दो नाबालिगों समेत चार हिरासत में
गोंदिया के मुंडीपार एमआईडीसी इलाके में नाइट शिफ्ट पर जा रहे एक बुजुर्ग की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। यह वारदात लोकल क्राइम ब्रांच की टीम ने महज 24 घंटे के अंदर सुलझा ली। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या जादू-टोना करने के शक से जुड़ी हुई है। इस मामले में जितेंद्र कोहळे (उम्र 45) और कमलेश अशोक नेवारे (उम्र 19, दोनों निवासी टॉवरटोली, मुंडीपार) को हिरासत में लिया गया है। इनके अलावा कानून से संघर्षरत दो नाबालिग बच्चों को भी हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई गुरुवार को की गई।
इस बारे में विक्की रविशंकर रहांगडाले (उम्र 31, निवासी मुंडीपार) ने गंगाझरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके पिता रविशंकर (उम्र 58) रविवार को नाइट शिफ्ट के काम पर दुपहिया से व्यंकटेश राइस मिल, एमआईडीसी मुंडीपार जा रहे थे। इसी दौरान चमड़ा फैक्ट्री के पास वाली सड़क पर रात करीब 7:45 से 8:15 बजे के बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके सिर पर भारी हथियार से चार वार कर हत्या कर दी। इस मामले में गंगाझरी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था।
जांच में यह बात सामने आई कि जादू-टोना के शक से कमलेश, जितेंद्र और दो नाबालिग बच्चों ने मिलकर रविशंकर की हत्या की साजिश रची थी। रविवार शाम आरोपियों ने रविशंकर का पीछा किया और कुल्हाड़ी से सिर पर वार कर उनकी जान ले ली।
लोकल क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर रेवचंद सिगनजुडे की देखरेख में टीम ने जांच शुरू की। तफ्तीश के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक रविशंकर के जादू-टोना करने को लेकर गांव में चर्चा चल रही थी और इसी वजह से कुछ लोग उन पर आरोप लगाते थे। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कमलेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में कमलेश ने बताया कि उसे लगता था कि उसके परिवार में हुई दो मौतों और घर के लोगों की बार-बार बिगड़ती तबीयत के पीछे रविशंकर का जादू-टोना जिम्मेदार है। जांच में यह भी सामने आया कि गांव के दूसरे परिवारों में हुई मौतों और बीमारियों के लिए भी रविशंकर को ही जिम्मेदार माना जाता था।