गणेशोत्सव में कोकण की पारंपरिक रेसिपी: नारियल के रस वाले शिरवले कैसे बनाएं
गणपति बप्पा के नैवेद्य के लिए कोकण के पारंपरिक तरीके से रस शिरवले बनाने की आसान रेसिपी।
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गणपति बप्पा के आने का इंतजार सबको बेसब्री से रहता है। कोकण में बप्पा के स्वागत की तैयारी बड़े जोश और उत्साह के साथ की जाती है। इसी के साथ बप्पा के प्रसाद के लिए घर में तरह-तरह की चीजें भी बनाई जाती हैं। त्योहार के दिनों में कोकण के पारंपरिक पकवान बड़ी मात्रा में बनाए जाते हैं। ऐसे में बप्पा के नैवेद्य के लिए आप झटपट नारियल के रस वाले पारंपरिक शिरवले बना सकते हैं।
यह पकवान बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको बहुत पसंद आता है और इसका स्वाद भी लाजवाब लगता है। गीले नारियल के रस और चावल के आटे से बना यह कॉम्बिनेशन खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है। यह डिश जितनी स्वाद में अच्छी है, उतनी ही सेहत के लिए भी फायदेमंद है। शिरवले आसानी से पच जाते हैं, इसलिए इन्हें सुबह के नाश्ते में भी खाया जा सकता है। आइए जानते हैं इसकी रेसिपी।
इसके लिए सामग्री में नारियल का दूध, गुड़, इलायची पाउडर, जायफल पाउडर, केसर, जीरा, हल्दी, चावल का आटा, गरम पानी और घी की जरूरत होती है।
कोकण के पारंपरिक रस शिरवले बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में एक ग्लास पानी गरम करने के लिए रखें। पानी में उबाल आने के बाद उसमें एक चम्मच घी डालें। इसके बाद स्वादानुसार नमक डालकर मिक्स करें और गरम पानी में चावल का आटा डालकर चम्मच से अच्छी तरह मिला लें। फिर ढक्कन लगाकर एक भाप निकालें और गैस बंद कर दें।
चावल के आटे की उकड़ ठंडी होने के बाद हाथ में पानी लगाकर आटा गूंथ लें। इसके बाद घी लगाकर ढक्कन से ढक दें। रस बनाने के लिए मिक्सर के जार में गीले नारियल का कद्दूकस और जीरा डालकर बारीक पीस लें। फिर उसमें पानी डालकर नारियल का रस निकाल लें।
नारियल का दूध निकालकर उसमें हल्दी, जरूरत के हिसाब से गुड़, इलायची पाउडर और जायफल पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। तैयार किए हुए चावल के आटे को शिरवले के सांचे में भरकर केले के पत्ते पर सेवइयां बनाएं और इडली के बर्तन में भाप में पकाने के लिए रख दें।
पंद्रह मिनट तक भाप में पकाने के बाद गैस बंद कर सेवइयां निकाल लें और तैयार किए हुए नारियल के दूध के साथ सर्व करें। इस तरह कोकण के पारंपरिक तरीके से बने रस शिरवले तैयार हो जाते हैं। यह पकवान घर में सबको बहुत पसंद आएगा।