मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
17:27 IST

एसटी बसस्थानकों पर सफाई सिर्फ कागज पर, नया टेंडर निकालने की मांग

एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने मौजूदा सफाई ठेका रद्द कर नया टेंडर निकालने की मांग की है।

एसटी बसस्थानकों पर सफाई सिर्फ कागज पर, नया टेंडर निकालने की मांग
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

महाराष्ट्र की लोकवाहिनी कही जाने वाली एसटी के बस स्टेशनों पर यात्रियों को साफ, सुरक्षित और सेहतमंद माहौल मिलना चाहिए, लेकिन कई जगहों पर सफाई का काम बुरी तरह पिछड़ गया है। अगर हालात में सुधार नहीं होता तो संबंधित संस्था को सिर्फ नोटिस थमाकर बैठने के बजाय मौजूदा सफाई का टेंडर ही रद्द कर नया टेंडर निकाला जाए, यह मांग महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने की है।

एसटी में सफाई को लेकर लगातार शिकायतें आती रही हैं, इसी वजह से बस स्टेशन परिसर, कर्मचारियों के विश्रामगृह, स्टेशन के शौचालय और बसों की सफाई के लिए एक प्राइवेट संस्था को नियुक्त किया गया था। लेकिन कई डिविजनों में सफाई का जो स्तर अपेक्षित था, वह बना नहीं रहा, ऐसी शिकायतें सामने आई हैं। बरगे ने खासतौर पर बड़े बस स्टेशनों के शौचालयों की तरफ ध्यान दिलाया, जहां यात्रियों की भारी भीड़ होने के बावजूद पर्याप्त स्टाफ और जरूरी साधन सामग्री न होने से सफाई का मसला गंभीर होता जा रहा है।

नया ठेका दिए हुए करीब चार महीने हो चुके हैं, फिर भी सफाई में कोई सुधार नहीं आया और शिकायतें बढ़ती गईं। इस पर परिवहन मंत्री और एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने भी नाराजगी जताते हुए प्रशासन को साफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बरगे का कहना है कि अगर संबंधित अफसर जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहे या ठेकेदार को बचा रहे हैं, तो ऐसे लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही सफाई का ठेका लेने वाली संस्था के काम में सुधार न हो, तो करार रद्द कर दोबारा टेंडर प्रक्रिया चलाई जाए, यह मांग भी उन्होंने रखी।

बरगे के मुताबिक, सफाई सिर्फ यात्रियों और कर्मचारियों की सहूलियत तक सीमित मसला नहीं है, बल्कि यह सीधे उनकी सेहत से जुड़ा बेहद अहम मुद्दा है। हर रोज हजारों यात्री एसटी स्टेशनों से आना जाना करते हैं, इसलिए कर्मचारियों और यात्रियों के शौचालय और बस स्टेशन परिसर को चौबीस घंटे साफ रखने के लिए पर्याप्त स्टाफ और असरदार सिस्टम होना जरूरी है। लेकिन फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा।

उन्होंने कहा कि ठेकेदार ने करार की शर्तें पूरी नहीं की हैं, काम का स्तर संतोषजनक नहीं है और लगातार शिकायतें आ रही हैं, तो सिर्फ कारण बताओ नोटिस देकर ठेकेदार को बचाने के बजाय सख्त फैसला लेना जरूरी है। मौजूदा टेंडर रद्द कर नया टेंडर निकालते वक्त स्टाफ की संख्या, काम की क्वालिटी, नियमित जांच और जिम्मेदारी तय करने की शर्तों को और सख्त किया जाए, ऐसी मांग बरगे ने की है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे