मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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22:32 IST

एशियन गेम्स 2026: सुचिका तारियाल ने MMA में जिताया भारत को पहला ऐतिहासिक कांस्य पदक

700 ग्राम वजन के फर्क से फाइनल में जगह नहीं बना पाईं, फिर भी रच दिया इतिहास

एशियन गेम्स 2026: सुचिका तारियाल ने MMA में जिताया भारत को पहला ऐतिहासिक कांस्य पदक
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

एशियन गेम्स 2026 में भारत को मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स यानी MMA में पहली बार पदक मिला है। यह कमाल किया है 36 साल की फाइटर सुचिका तारियाल ने, जिन्होंने महिलाओं के पारंपरिक 60 किलो वजन वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। यह मुकाबला शुरू से आखिर तक बेहद रोमांचक और नाटकीय रहा।

सेमीफाइनल में सुचिका का सामना सिंगापुर की तेओ हुई हून से हुआ। सुचिका ने पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी और मुकाबला अतिरिक्त समय तक खिंच गया। लेकिन आखिर में फैसला सिंगापुर की खिलाड़ी के पक्ष में गया। नतीजा सुनते ही सुचिका खुद पर काबू नहीं रख पाईं और आंसुओं के साथ रिंग से बाहर निकलीं।

दिलचस्प बात यह है कि इस मुकाबले का फैसला सामान्य तीन पंचों की जगह 10 पंचों के पैनल ने लिया। सारी फुटेज बारीकी से देखने के बाद भी किसी एक खिलाड़ी को विजेता घोषित नहीं किया जा सका और मैच को आधिकारिक रूप से बराबरी पर छोड़ दिया गया। नियमों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में खिलाड़ियों का शरीर का वजन आधार बनाया जाता है। यही वह मोड़ था जहां सुचिका का फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया, क्योंकि उनका वजन सिंगापुर की प्रतिद्वंद्वी तेओ हुई हून से 700 ग्राम ज्यादा निकला। इसी 700 ग्राम के फर्क ने पूरा नतीजा पलट दिया और सुचिका फाइनल की दौड़ से बाहर हो गईं।

फैसले के बाद जब पंचों ने दोनों फाइटर्स को आधिकारिक विजेता की घोषणा के लिए बुलाया, तो निराश सुचिका शुरू में मंच पर आने को तैयार नहीं थीं। भारतीय कोच के समझाने के बाद ही वे मंच पर गईं, लेकिन आंखों में आंसू लिए वापस लौटीं। इससे पहले रविवार को क्वार्टर फाइनल में सुचिका ने मंगोलिया की अल्तानखिमेग बायगल्मा को 2-0 से हराकर भारत के लिए पदक पक्का कर दिया था।

हरियाणा के रोहतक की रहने वाली सुचिका तारियाल की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। सिर्फ 12 साल की उम्र में यौन उत्पीड़न का सामना करने के बाद उन्होंने आत्मरक्षा के लिए जूडो सीखना शुरू किया था। तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 20 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया। सुचिका आठ बार की राष्ट्रीय जूडो चैंपियन रह चुकी हैं। उन्होंने 2019 कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप और 2019 साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीते हैं। 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 57 किलो वजन वर्ग में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन मेडल थोड़े अंतर से हाथ से निकल गया था। खेल के अलावा सुचिका सीआईएसएफ में हेड कॉन्स्टेबल रह चुकी हैं और बाद में हरियाणा खेल विभाग में जूनियर कोच के तौर पर भी काम किया है।

सुचिका ने 2017 में MMA में डेब्यू किया था। इसके बाद करीब सात साल तक उन्होंने MMA से ब्रेक लिया और इस दौरान जूडो और जू-जित्सू में भारत का प्रतिनिधित्व करती रहीं। 2024 में उन्होंने ब्रेव कॉम्बैट फेडरेशन के साथ करार किया। इसके बाद दिसंबर 2024 में बहरीन में हुए ब्रेव सीएफ 92 में उन्होंने प्रोफेशनल MMA रिंग में शानदार वापसी की थी।

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