एशियाई खेलों में कुमकुम-धीरज को तीरंदाजी मिश्र रिकर्व में रजत, भारत का पहला पदक
भारतीय जोड़ी सोने के मुकाबले में चीन से 3-5 से हारी, लेकिन इस स्पर्धा में देश को पहली बार एशियाई खेलों का पदक मिला।
भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम अनिल मोहोड ने एशियाई खेलों (Asian Games 2026) की मिश्र रिकर्व स्पर्धा में इतिहास रच दिया। दोनों की जोड़ी फाइनल में पहुंची और रजत पदक अपने नाम किया। सोने के मुकाबले में भारत को चीन से 3-5 से हार मिली।
एशियाई खेलों में मिश्र रिकर्व स्पर्धा 2018 से खेली जा रही है। इससे पहले 2018 के जकार्ता-पालेमबांग और 2022 के हांगझू एशियाई खेलों में भारत इस स्पर्धा में कोई पदक नहीं जीत पाया था। इसलिए धीरज और कुमकुम का यह रजत इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियाई खेल पदक है।
फाइनल की बात करें तो पहले दो सेट में कुमकुम और धीरज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। चीनी जोड़ी ने पहला सेट 38-37 से जीतकर 2-0 की बढ़त बना ली। दूसरे सेट में भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी की, लेकिन वह सेट 37-37 से बराबर रहा और चीन 2-0 से आगे बना रहा।
तीसरा सेट चीनी जोड़ी ने 37-36 से जीतकर 2 अंक और जोड़ लिए। चौथा सेट भी 37-37 से बराबर छूटा और इसी के साथ भारतीय जोड़ी 5-3 के अंतर से मैच हार गई। उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
17 साल की कुमकुम अनिल मोहोड के लिए यह दिन खास रहा। इसी दिन की शुरुआत में उन्होंने महिलाओं की रिकर्व टीम स्पर्धा में सोने का पदक जीता था। उस मुकाबले में भारतीय महिला टीम के सामने ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया थी।
मिश्र रिकर्व स्पर्धा के पिछले नतीजे भी देखने लायक हैं। 2018 के जकार्ता-पालेमबांग में जापान ने सोना, उत्तर कोरिया ने रजत और चीन ने कांस्य जीता था। 2022 के हांगझू में दक्षिण कोरिया को सोना, जापान को रजत और इंडोनेशिया को कांस्य मिला था। 2026 में चीन ने सोना जीता और भारत ने रजत।
इस रजत के साथ आइची-नागोया एशियाई खेलों में तीरंदाजी में भारत के पदकों की कुल संख्या छह हो गई है। इनमें चार सोने, एक रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं।