मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:00 IST

EPFO का नया नियम: वेतन सीमा 25 हजार, 20 और 25 हजार पर PF कटौती जानें

EPFO ने अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी है, जिससे PF कटौती में बदलाव होगा।

EPFO का नया नियम: वेतन सीमा 25 हजार, 20 और 25 हजार पर PF कटौती जानें
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

PF यानी कर्मचारियों के भविष्य निर्वाह निधी को लेकर सितंबर 2026 में एक बड़ा बदलाव लागू हुआ है। केंद्र सरकार ने EPFO के अंतर्गत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा 15,000 रुपये प्रति महीने से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति महीने कर दी है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से लागू हो गया है। इसका मतलब यह है कि 15,000 से 25,000 रुपये तक वेतन पाने वाले ज्यादा कर्मचारी अब EPF, EPS और EDLI जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आ जाएंगे।

सरकार के मुताबिक इस बदलाव से 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारियों को अनिवार्य EPFO कवरेज मिलने की उम्मीद है। यह नई सीमा 17 सितंबर 2026 से लागू हुई है, इसलिए अक्टूबर 2026 पहला ऐसा महीना होगा जब पूरे महीने की सैलरी पर नई सीमा के हिसाब से PF की गणना होगी। सितंबर 2026 में 17 तारीख से नियम लागू हुआ, इसलिए उस महीने के लिए अलग गणना करनी पड़ती है।

अब बात करें कि 20,000 रुपये पगार वाले कर्मचारी का PF कितना कटेगा। अगर किसी कर्मचारी का लागू PF वेतन 20,000 रुपये है, तो नए नियम के तहत अक्टूबर 2026 से कर्मचारी के हिस्से का EPF योगदान 12 प्रतिशत रहेगा। यानी 20,000 रुपये का 12 प्रतिशत हिसाब से 2,400 रुपये PF के रूप में कटेंगे। इतना ही योगदान यानी 2,400 रुपये कंपनी यानी नियोक्ता को भी देना होगा, लेकिन नियोक्ता का पूरा पैसा EPF खाते में नहीं जाता। इसमें से लगभग 1,666 रुपये EPS यानी पेंशन योजना में और 734 रुपये EPF में जाते हैं। इस तरह कर्मचारी और नियोक्ता मिलाकर कुल 4,800 रुपये का योगदान होगा। यह उदाहरण अक्टूबर 2026 के पूरे वेतन महीने पर आधारित है।

अगर किसी कर्मचारी का PF वेतन 25,000 रुपये की नई सीमा तक है, तो कर्मचारी के हिस्से का 12 प्रतिशत योगदान 3,000 रुपये होगा। नियोक्ता का योगदान भी 3,000 रुपये रहेगा, जिसमें से EPS के लिए 8.33 प्रतिशत के हिसाब से करीब 2,083 रुपये और बाकी लगभग 917 रुपये EPF में जा सकते हैं। पुरानी 15,000 रुपये की सीमा पर कर्मचारी का अधिकतम 12 प्रतिशत हिस्सा 1,800 रुपये था। अब 25,000 रुपये की नई सीमा से यह हिस्सा 3,000 रुपये तक जा सकता है। यानी पुरानी अधिकतम सीमा पर योगदान देने वाले कर्मचारियों की महीने की PF कटौती बढ़ सकती है।

पहले 15,000 रुपये से ज्यादा पगार वाले नए कर्मचारी को अनिवार्य EPFO कवरेज नहीं मिलता था। अब वेतन सीमा 25,000 रुपये होने से 15,000 से 25,000 रुपये वाले पात्र कर्मचारी भी EPF के दायरे में आ जाएंगे। इससे इन कर्मचारियों को EPF में रिटायरमेंट सेविंग, EPS के तहत पेंशन से जुड़े फायदे और EDLI के तहत बीमा कवर मिलने का रास्ता खुलता है। यह सभी फायदे संबंधित योजना और पात्रता के नियमों के अधीन रहेंगे।

यह बदलाव सिर्फ नई नौकरी में आने वाले कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। पुरानी 15,000 रुपये की सीमा के कारण जो पात्र कर्मचारी अभी तक EPF कवरेज में नहीं आए थे या EPS से बाहर थे, वे भी नए नियम से प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने साफ किया है कि 15,000 रुपये से ज्यादा और 25,000 रुपये तक पगार वाले पात्र कर्मचारियों को नई सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में लाया जाएगा। EPS में शामिल होना और योगदान लागू योजना और नियमों के हिसाब से ही तय होगा।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर कर्मचारी का PF 3,000 रुपये ही नहीं होगा। 25,000 रुपये हर कर्मचारी के लिए बराबर PF कटौती की रकम नहीं है, बल्कि यह संशोधित वैधानिक वेतन सीमा है। जिस कर्मचारी का लागू PF वेतन 25,000 रुपये से कम है, उसके योगदान की गणना उसके असली लागू वेतन के आधार पर ही होगी। PF वेतन और ग्रॉस सैलरी एक ही चीज नहीं होती, इसलिए किसी कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी 25,000 रुपये से ज्यादा होने पर भी PF की गणना उसके लागू PF वेतन की संरचना के मुताबिक हो सकती है।

नई सीमा से नियोक्ता के वैधानिक योगदान के आधार में भी बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार के मुताबिक, नियोक्ताओं पर पड़ने वाले इस अतिरिक्त बोझ को कम करने के लिए PMVBRY योजना के तहत पात्र नियोक्ताओं को हर महीने 3,000 रुपये तक प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी की गई है। यह प्रोत्साहन योजना की शर्तों के मुताबिक ही मिलेगा। साथ ही, नियोक्ता का योगदान और कर्मचारी की सैलरी से कटने वाला PF अलग-अलग बातें हैं, नियोक्ता का हिस्सा सीधे कर्मचारी की सैलरी से कटने वाला हिस्सा नहीं माना जा सकता, हालांकि कंपनी की सैलरी स्ट्रक्चर और CTC में इसे कैसे शामिल किया गया है, इसका असर कर्मचारी के कुल पैकेज पर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, 17 सितंबर 2026 से EPFO की वैधानिक वेतन सीमा 15,000 रुपये से 25,000 रुपये हो गई है। 20,000 रुपये के लागू PF वेतन पर अक्टूबर से कर्मचारी का हिस्सा 2,400 रुपये और 25,000 रुपये के लागू PF वेतन पर 3,000 रुपये तक हो सकता है। लेकिन आखिरी PF कटौती हर कर्मचारी के अपने लागू PF वेतन और संबंधित EPFO नियमों पर ही निर्भर करेगी।

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