e-KYC न कराने से LPG कनेक्शन घटे, नए गैस कनेक्शन पर भी फिलहाल रोक
आधार वेरिफिकेशन पूरा न करने वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी 1 अक्टूबर से बंद हो सकती है, तेल कंपनियां पुराने कनेक्शन भी खंगाल रही हैं।
देश में लाखों घर और होटल रोज खाना बनाने के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं। इनमें से जो लोग अभी तक अपना गैस कनेक्शन आधार से लिंक नहीं कर पाए हैं, उनके लिए यह खबर काम की है, क्योंकि देश में एलपीजी कनेक्शन की कुल संख्या घट गई है।
दरअसल काफी समय से एलपीजी उपभोक्ताओं को अपना कनेक्शन आधार से वेरिफाई कराने के लिए कहा जा रहा है। इस आधार पड़ताल के पीछे मकसद यह है कि सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी सही लोगों तक पहुंचे। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी एक व्यक्ति के नाम पर एक से ज्यादा कनेक्शन तो नहीं चल रहे। रिकॉर्ड अपडेट करना और फर्जी कनेक्शन हटाना भी इसी कवायद का हिस्सा है। इसी वजह से आम लोगों में सवाल उठ रहा है कि आखिर यह कार्रवाई किस बात को लेकर हो रही है।
नए घरेलू गैस कनेक्शन पर रोक की एक वजह मध्य पूर्व में चल रहा तनाव भी है। इस तनाव का असर एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पर पड़ा है, जिससे घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ गए। सप्लाई में आई इस रुकावट के चलते तेल कंपनियों ने नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन देना फिलहाल बंद कर दिया है।
इसके साथ ही तेल कंपनियों ने पुराने कनेक्शन की भी जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता चल सके कि कौन सा कनेक्शन इस्तेमाल में है और कौन सा नहीं। इस पूरी कवायद के चलते एलपीजी कनेक्शन की संख्या में जो गिरावट आई है, उसका असर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक उज्ज्वला योजना के लाभार्थी 106.3 दशलक्ष से घटकर 105.7 दशलक्ष रह गए हैं, यानी करीब 6,00,000 उज्ज्वला लाभार्थी कम हो गए हैं।
एलपीजी कनेक्शन की संख्या घटने के पीछे कई वजहें गिनाई जा रही हैं। सबसे पहले तो सप्लाई की कमी के चलते नए कनेक्शन देना ही रोक दिया गया है। इसके अलावा तेल कंपनियां पुराने कनेक्शन का आधार वेरिफिकेशन भी कर रही हैं। जो कनेक्शन लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं हैं, उनकी भी जांच हो रही है। एक ही परिवार के नाम पर चल रहे कई कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है, और जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन पहले से मौजूद है, उनकी भी पड़ताल की जा रही है।
एलपीजी कनेक्शन का ई-केवाईसी पूरा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर तय की गई है। अगर तय तारीख तक ई-केवाईसी नहीं कराई गई तो 1 अक्टूबर से गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी बंद हो सकती है। इसके अलावा आगे चलकर सिलेंडर बुक कराते वक्त भी दिक्कत आ सकती है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना कनेक्शन आधार से वेरिफाई नहीं कराया है, उनके पास तय मियाद के भीतर यह काम पूरा करने का मौका है।