दिशा सालियन केस: मातोश्री के बाहर हंगामा, सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे को भेजा 500 करोड़ का नोटिस
वकीलों की टीम के साथ मातोश्री पहुंचे सतीश सालियन, शिवसैनिकों के विरोध के बीच गेट पर ही स्वीकार किया गया नोटिस।
दिशा सालियन मौत मामले को लेकर मुंबई में एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है। शनिवार दोपहर ठाकरे परिवार के निवास 'मातोश्री' के बाहर जबरदस्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन अपने वकीलों की पूरी टीम के साथ मातोश्री पहुंचे और वहां कानूनी नोटिस दिया गया। यह नोटिस आदित्य ठाकरे के सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट के बाद दिया गया है।
सतीश सालियन पहले ही आदित्य ठाकरे और पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मानहानि का दावा दाखल कर चुके हैं। इसी मामले से जुड़ा नोटिस देने के लिए वे अपने वकीलों के साथ मातोश्री पहुंचे थे।
मातोश्री जाने से पहले सतीश सालियन ने मीडिया से बातचीत में काफी आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, 'मुझे कोई कंट्रोल नहीं कर सकता। सिर्फ भगवान मुझे कंट्रोल कर सकता है, और कोई नहीं।' उन्होंने यह भी बताया कि उनके साथ वकीलों की पूरी टीम मौजूद है।
इसी बीच सतीश सालियन के मातोश्री पहुंचने की खबर मिलते ही इलाके में पुलिस का भारी बंदोबस्त लगा दिया गया। शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद अनिल देसाई भी मातोश्री पहुंचे। आदित्य ठाकरे की तरफ से नोटिस स्वीकार करने के लिए एडवोकेट राहुल दिवटे और एडवोकेट अनिल जाधव मातोश्री के गेट पर मौजूद थे।
मातोश्री के बाहर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। शिवसैनिकों ने सतीश सालियन को अंदर जाने देने का विरोध किया, जिसकी वजह से नोटिस सीधे घर के अंदर देने के बजाय गेट पर ही स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया पूरी हुई।
इस मामले में आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस भेजा गया है। ठाकरे के वकीलों ने यह नोटिस स्वीकार कर लिया और इसकी पावती सतीश सालियन के वकीलों को दी गई।
दिशा सालियन मामले में इससे पहले भी आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति होती रही है। अब कानूनी नोटिस और 500 करोड़ के दावे के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आगे इस नोटिस पर आदित्य ठाकरे और शिवसेना ठाकरे गुट की तरफ से क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर टिकी हुई है।