डीजे का शोर पड़ा भारी, नियम तोड़ने पर दो गणेश मंडलों पर केस दर्ज
पिंपरी के शिरगाव-परंदवडी पुलिस ने विसर्जन जुलूस में तय सीमा से ज्यादा आवाज में डीजे बजाने पर दो मंडलों के खिलाफ कार्रवाई की।
गणेशोत्सव के सातवें दिन निकली विसर्जन जुलूस में साउंड सिस्टम की तय मर्यादा तोड़ना दो गणेश मंडलों को महंगा पड़ गया। शिरगाव-परंदवडी पुलिस स्टेशन इलाके में पुलिस ने चांदखेड के जय महाराष्ट्र मित्र मंडल और ओझर्डे के शिवतेज मित्र मंडल के खिलाफ केस दर्ज किया है। दोनों मंडलों पर आरोप है कि उन्होंने विसर्जन जुलूस के दौरान लाउडस्पीकर सिस्टम इतनी तेज आवाज में बजाई कि सार्वजनिक शांति भंग हुई।
पुलिस ने मौके से डीजे साउंड सिस्टम, मिक्सर, एम्प्लीफायर और एक गाड़ी जब्त की है। गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पिंपरी-चिंचवड पुलिस ने पहले ही ध्वनि प्रदूषण को लेकर खास हिदायतें दी थीं। मंडलों से कहा गया था कि तेज आवाज वाली डीजे सिस्टम का इस्तेमाल न करें और सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट की तय की गई आवाज की सीमा का पालन करें।
शिरगाव-परंदवडी पुलिस स्टेशन के इलाके में सातवें दिन कुल 38 सार्वजनिक गणेश मंडलों की मूर्तियों का विसर्जन हुआ। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि चांदखेड और ओझर्डे के मंडल तय सीमा से ज्यादा आवाज में लाउडस्पीकर बजा रहे हैं। इसके बाद दोनों मंडलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
शिरगाव-परंदवडी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक देवेंद्र चव्हाण ने कहा कि गणेश विसर्जन जुलूस में उत्साह मनाते वक्त आवाज की तय सीमा और कोर्ट के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तेज आवाज में डीजे बजाकर सार्वजनिक शांति भंग करने वालों पर बिना किसी पूर्व सूचना के कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गणेश मंडलों से अपील की कि वे पुलिस को सहयोग दें और ध्वनि प्रदूषण से बचें।
इसी बीच पुणे पुलिस ने भी एक बड़ा फैसला लिया है। पुणे की ऐतिहासिक गणेश विसर्जन जुलूस में करीब 30 से 32 घंटे का जो समय लगता है, उसे कम करने के लिए पुणे पुलिस ने इस बार मुख्य विसर्जन जुलूस में शामिल होने वाले मंडलों पर पाबंदियां लगाने का फैसला किया है। पिछले दो या उससे ज्यादा सालों से मुख्य जुलूस में शामिल होते आ रहे मंडलों को ही इस बार खास तौर पर एंट्री दी जाएगी। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने सोमवार को बताया कि अगले साल से मंडलों की भागीदारी को लेकर स्थायी नीतिगत फैसला लिया जाएगा।