धम्मचक्र प्रवर्तन दिन: दीक्षाभूमि में मनपा और प्रशासन ने तेज की तैयारी, 14 अक्टूबर डेडलाइन
नागपुर की दीक्षाभूमि में धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर आने वाले लाखों अनुयायियों के लिए मनपा और जिला प्रशासन ने सुरक्षा दीवार, सफाई, पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं 14 अक्टूबर तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
नागपुर में हर साल धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर दीक्षाभूमि में लाखों अनुयायी पहुंचते हैं, और इस बार भी उनकी सुविधा के लिए मनपा और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इस मौके पर आने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए दीक्षाभूमि परिसर में जरूरी नागरिक सुविधाएं जुटाने का काम तेजी से चल रहा है।
मनपा कमिश्नर डॉ. विपिन इटनकर ने अफसरों को साफ निर्देश दिए हैं कि दीक्षाभूमि परिसर में जो सुरक्षा दीवार बन रही है, उसे मजबूत और सुरक्षित तरीके से तैयार किया जाए। इसके अलावा सिर्फ मुख्य समारोह वाले दिन ही नहीं, बल्कि बाकी दिनों में भी अनुयायियों के लिए सफाई, पीने का पानी, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं को प्राथमिकता देने को कहा गया है। कमिश्नर ने सभी तैयारियां 14 अक्टूबर से पहले पूरी करने की डेडलाइन तय की है।
धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के लिए मनपा की तरफ से क्या इंतजाम हो रहे हैं, इसका जायजा लेने के लिए कमिश्नर डॉ. विपिन इटनकर और जिलाधिकारी श्री कुमार आशीर्वाद ने दीक्षाभूमि परिसर का साझा दौरा किया। इस दौरे में परमपूज्य डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति के पदाधिकारी भी दोनों अफसरों के साथ थे। सबने मिलकर पूरे परिसर में घूमकर अलग-अलग व्यवस्थाओं को परखा, और खासतौर पर जो सुरक्षा दीवार बन रही है उसकी मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई।
कमिश्नर डॉ. विपिन इटनकर ने दोहराया कि सुरक्षा दीवार का निर्माण मजबूती और सही तरीके से हो, ताकि समारोह के दौरान बड़ी तादाद में आने वाले अनुयायियों की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। उन्होंने परिसर में सफाई व्यवस्था, शौचालयों की उपलब्धता, जमीन को समतल करने के काम और बाकी सुविधाओं की भी बारीकी से समीक्षा की। अफसरों को हिदायत दी गई है कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसलिए सारी व्यवस्थाएं तय समय पर पूरी की जाएं।
कमिश्नर और जिलाधिकारी ने दीक्षाभूमि के मुख्य समारोह स्थल के साथ-साथ आसपास के इलाकों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च की बिल्डिंग के पीछे वाली जगह पर बनने वाले अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था को भी देखा गया।
इसके अलावा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यानी आईटीआई और सामाजिक न्याय भवन परिसर की पार्किंग जगह पर शौचालयों के इंतजाम की भी समीक्षा हुई। साथ ही अंबाझरी तालाब परिसर में बन रहे विश्रामगृह और बाकी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया।