गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:02 IST

छुट्टी के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, पड़ोसी देशों के बाजारों में भारी गिरावट

गणेश चतुर्थी की छुट्टी से भारतीय निवेशक बचे, लेकिन जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और पाकिस्तान के बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज।

छुट्टी के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, पड़ोसी देशों के बाजारों में भारी गिरावट
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

पिछले हफ्ते शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिली थी, और हफ्ते के पहले ही दिन, सोमवार को, भारतीय शेयर बाजार बंद रहना निवेशकों के लिए अच्छा साबित हुआ। विदेशी बाजारों में जो उथल-पुथल मची थी, उसका असर अगर भारतीय बाजार पर पड़ता तो सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर नकारात्मक असर होता। भारतीय बाजार के लिए अहम माना जाने वाला निफ्टी पहले से ही अपनी शुरुआत से सुस्त रफ्तार से कारोबार कर रहा है। इस बीच जापान से लेकर दक्षिण कोरिया और पाकिस्तान तक के शेयर बाजार गड़बड़ाए हुए हैं और वहां के प्रमुख इंडेक्स धड़ाम से गिर रहे हैं।

बीएसई और एनएसई की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक गणेश चतुर्थी के चलते 14 सितंबर को ये दोनों एक्सचेंज बंद हैं। इस दौरान इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करेंसी सेगमेंट में कोई कारोबार नहीं होगा। कमोडिटी मार्केट की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सुबह के सेशन में ट्रेडिंग बंद है, लेकिन शाम पांच बजे से यह हमेशा की तरह फिर शुरू हो जाएगी। यानी इस हफ्ते शेयर बाजार में कुल चार ही ट्रेडिंग दिन बचे हैं।

पिछले हफ्ते दोनों प्रमुख इंडेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज हुई थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 पूरे हफ्ते में 2 फीसदी से ज्यादा गिर गया, वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पांच ट्रेडिंग दिनों में 2.27 फीसदी नीचे आ गया।

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार बंद रहने से निवेशकों को राहत मिली, क्योंकि हफ्ते का पहला कारोबारी दिन दुनियाभर के बाजारों के लिए, खासकर एशिया के ज्यादातर शेयर बाजारों में पैसा लगाने वालों के लिए बेहद खराब साबित हो रहा है। एक तरफ जापान के निक्केई में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के शेयर बाजार में भी गिरावट है। खराब शुरुआत के बाद जापान का निक्केई इंडेक्स 63,492 पर कारोबार कर रहा था, यानी 500 से ज्यादा अंकों की गिरावट। इसके अलावा दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 250 से ज्यादा अंक गिरकर 6684 पर पहुंच गया। इतना ही नहीं, ताइवान के शेयर बाजार में भी 322 अंकों की बड़ी गिरावट देखी गई। पाकिस्तान स्टॉक मार्केट की बात करें तो कराची 100 यानी केएसई में करीब 188 अंकों की तेज गिरावट दर्ज हुई।

ज्यादातर विदेशी शेयर बाजारों में मची इस अफरातफरी की वजह मध्य पूर्व से जुड़ी बताई जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते होर्मुज को पूरी तरह खोले जाने की उम्मीद फिलहाल कमजोर पड़ती दिख रही है। वहीं दूसरी ओर हूती विद्रोही बाब-अल-मंदेब पर कब्जा करते दिख रहे हैं और सऊदी अरब की तेल पाइपलाइन बंद कर दी गई है।

इन सब वजहों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर तेजी पकड़ती दिख रही हैं। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल, डब्ल्यूटीआई क्रूड तेल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल और मूरबान क्रूड तेल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है। इससे तेल आयात पर निर्भर दुनियाभर के कई देशों में महंगाई का खतरा बढ़ गया है और शेयर बाजार का माहौल भी बिगड़ गया है।

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