चंद्रपुर में जलदिंडी निकालकर जल सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत, पानी बचाने की अपील
जलसंपदा विभाग का जल सेवा संकल्प अभियान 2 से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। उसकी शुरुआत चंद्रपुर में जलदिंडी से हुई।
चंद्रपुर में जलदिंडी निकालकर जल सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत की गई। यह अभियान जलसंपदा विभाग का है और 2 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच चलाया जाएगा। जलदिंडी के जरिए लोगों को पानी बचाने और जल संवर्धन का संदेश दिया गया।
दिंडी दीना विश्रामगृह से शुरू हुई। वह जटपुरा गेट और गांधी चौक होते हुए वापस विश्रामगृह पहुंची। इस पहल का मकसद लोगों में पानी का किफायत से इस्तेमाल करने को लेकर जागरूकता लाना है। जल संवर्धन की अहमियत लोगों तक पहुंचाना और पानी की बर्बादी रोकने के बारे में जागरूक करना इसका मुख्य उद्देश्य बताया गया।
इस साल एल निनो के असर से बारिश में अनिश्चितता आने की आशंका है। फिलहाल धरणों में करीब 70 प्रतिशत जल साठा मौजूद है। आने वाले दिनों में पानी की संभावित किल्लत को देखते हुए उपलब्ध पानी का सोच-समझकर इंतजाम करना और उसे किफायत से खर्च करना जरूरी है। जलदिंडी के जरिए यही संदेश दिया गया कि हर बूंद अहम है और उपलब्ध पानी की हर बूंद का ठीक तरीके से इस्तेमाल किया जाए।
अभियान के दौरान कई काम किए जाएंगे। इनमें जलकर की वसूली और शिकायतों का निपटारा, किसानों और पानी वापर संस्थाओं से बातचीत, जल जागृति और नहरों की सफाई के लिए श्रमदान शामिल हैं। नहरों और वितरण प्रणाली का मुआयना भी होगा। प्रकल्पबाधित और पुनर्वसन वाले गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और भूसंपादन के काम में तेजी लाई जाएगी।
अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संवर्धन करना, उपलब्ध पानी का समझदारी और कुशलता से इस्तेमाल करना और जल प्रबंधन में किसानों व नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना है।
जलदिंडी में चंद्रपुर पाटबंधारे विभाग के कार्यकारी अभियंता जलेश सिंग, उप कार्यकारी अभियंता नरासपुरे, पुल्लावर और कांबळे शामिल हुए। चंद्रपुर पाटबंधारे प्रकल्प मंडल के उपविभागीय अभियंता जामगडे और यादव के साथ बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।
इस मौके पर संकल्प लिया गया कि अभियान के जरिए यह संदेश जनता तक पहुंचाया जाएगा: पानी बचाएं, पानी की बर्बादी रोकें और उपलब्ध पानी की हर बूंद का कुशलता से इस्तेमाल करें।