बुलढाणा में खरीफ ई-पीक निरीक्षण शुरू, किसान 10 नवंबर से पहले करवाएं फसल का पंजीकरण
बुलढाणा जिले में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए नए मोबाइल ऐप से ई-फसल निरीक्षण और पंजीकरण का काम शुरू हो गया है।
बुलढाणा जिले में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए ई-फसल निरीक्षण और पंजीकरण का अभियान शुरू हो गया है। इस बार यह काम 'केंद्रीय डीसीएस एमएच' नाम के नए मोबाइल ऐप से हो रहा है। जिलाधिकारी डॉ. प्रवीणकुमार देवरे ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे 10 नवंबर से पहले अपनी फसलों का पंजीकरण गांव के नियुक्त सहायक से करवा लें।
महाराष्ट्र सरकार के जमाबंदी आयुक्त और संचालक, भूमि अभिलेख कार्यालय के निर्देश पर यह फसल निरीक्षण और पंजीकरण अभियान 11 अगस्त से चल रहा है। ई-फसल निरीक्षण को ज्यादा तेज और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने हर गांव के लिए एक खास 'फसल निरीक्षण सहायक' नियुक्त किया है।
आंकड़ों की बात करें तो जिले में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए केंद्रीय डीसीएस एमएच ऐप से कुल 8 लाख 41 हजार 296 मालिकाना प्लॉट का फसल निरीक्षण होना है। इनमें से 5 लाख 30 हजार 279 प्लॉट पर संबंधित सहायकों के जरिए 7/12 पर फसलों का पंजीकरण कामयाबी से पूरा हो चुका है। बाकी इलाके के किसानों से कहा गया है कि वे अपने गांव के नियुक्त सहायक से ई-फसल निरीक्षण ऐप के जरिए फसल का पंजीकरण करवा लें।
पंजीकरण के लिए 'केंद्रीय डीसीएस एमएच' मोबाइल ऐप से सीधे खेत पर जाकर फसल दर्ज करना और जानकारी अपलोड करना जरूरी है। इस सर्वे में 100 प्रतिशत ई-फसल निरीक्षण पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। खरीफ सीजन में खेत में खड़ी फसल दर्ज करनी है। इसके अलावा स्थायी परती या चालू परती वाली जमीन का पंजीकरण भी करना है।
सही पंजीकरण इसलिए जरूरी बताया गया है कि खरीफ सीजन 2026-27 में अगर ई-फसल निरीक्षण से फसल दर्ज नहीं हुई, तो 7/12 के उतारे पर 'फसल का कॉलम' खाली रहेगा, और उसे बाद में भरा नहीं जा सकता। इससे किसानों को फसल बीमा, सरकारी अनुदान और दूसरी योजनाओं का फायदा लेने में दिक्कत आ सकती है।
बेमौसम बारिश या किसी दूसरी प्राकृतिक आपदा के वक्त फसल बीमा का फायदा पाने के लिए 7/12 पर फसल का सही पंजीकरण होना बहुत जरूरी है। इसलिए किसान समय रहते अपने गांव के सहायक से संपर्क करें और 10 नवंबर की आखिरी तारीख से पहले पंजीकरण पूरा करवा लें।