मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:48 IST

बिश्नोई गैंग: जमीन में गड़े पिस्तौल-कारतूस AGTF ने जब्त किए, दो शार्प शूटरों से पूछताछ में खुलासा

राजस्थान में संगठित अपराध और अवैध हथियारों पर नकेल कसने में जुटी एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स को बिश्नोई गैंग से जुड़े दो आरोपियों की पूछताछ में बड़ी कामयाबी मिली, जमीन में छुपाकर रखे गए हथियार बरामद हुए।

बिश्नोई गैंग: जमीन में गड़े पिस्तौल-कारतूस AGTF ने जब्त किए, दो शार्प शूटरों से पूछताछ में खुलासा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

राजस्थान में संगठित अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ काम कर रही एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स यानी AGTF ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लॉरेन्स-आरजू बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का आरोप झेल रहे दो शार्प शूटरों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर टीम ने दो पिस्तौल, चार मैगजीन और 36 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं।

पुलिस के मुताबिक राजिंदर उर्फ बिल्ला और जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सनी उर्फ कट्टा नाम के इन दोनों को पहले ही जोधपुर में पकड़ा जा चुका था। जांच एजेंसी का दावा है कि ये दोनों कथित तौर पर किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से जोधपुर आए थे। दोनों से पूछताछ के बाद AGTF के हाथ छुपाकर रखे गए हथियारों के बारे में अहम जानकारी लगी।

आरोपियों की निशानदेही पर AGTF की टीम पाली से सिरोही के बीच के इलाके में पहुंची, जहां जमीन में हथियार दबाकर रखे जाने की सूचना मिली थी। टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया और वहां से दो पिस्तौल, चार मैगजीन और 36 कारतूस बरामद कर लिए। बताया जा रहा है कि जब्त की गई दोनों पिस्तौलें 9 एमएम बोर की हैं, जिनमें से एक FX-9 और दूसरी Glock पिस्तौल है। हथियारों को जमीन में इस तरह छुपाया गया था कि उस रास्ते से गुजरने वाले किसी आम आदमी को शक तक न हो।

अब AGTF यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि ये हथियार आखिर कहां से आए। जांच इस बात पर केंद्रित है कि आरोपियों तक हथियार किसने पहुंचाए, क्या इनका इस्तेमाल पहले किसी वारदात में हो चुका है, और आगे किस मकसद से इन्हें इस्तेमाल किया जाना था। रिपोर्ट के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई ADG-AGTF दिनेश एम.एन. की निगरानी में की गई। बिश्नोई गैंग से जुड़े बाकी लोगों और हथियार सप्लाई के नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच अभी जारी है।

इसी बीच याद दिलाया गया कि बाबा सिद्दीकी पर मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में उनके बेटे के दफ्तर के बाहर हमला हुआ था। जांच एजेंसियों के मुताबिक तीन हमलावरों ने उन पर गोली चलाई थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में गुरमेल सिंह और धर्मराज कश्यप को शुरुआत में ही पकड़ लिया गया था, जबकि शिवकुमार मौके से फरार हो गया था।

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