भटके-विमुक्त समाज के लिए हक और प्रमाणपत्र अभियान 27 से 29 सितंबर तक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर राज्यभर में भटके-विमुक्त बांधवों के लिए विशेष शिविर, आधार से लेकर जात प्रमाणपत्र तक मिलेंगे दस्तावेज।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर महाराष्ट्र सरकार भटके-विमुक्त बांधवों के न्याय हक के लिए एक खास अभियान शुरू कर रही है। 'राष्ट्रनेता से राष्ट्रपिता' अभियान के तहत 27, 28 और 29 सितंबर 2026 को राज्यभर में 'भटके-विमुक्त हक्क व प्रमाणपत्र अभियान' चलाया जाएगा। इसकी जानकारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ट्विटर अकाउंट से दी है।
इस विशेष अभियान के तहत भटके-विमुक्त बांधवों को आधार कार्ड, वोटर आईडी, जात प्रमाणपत्र, इनकम सर्टिफिकेट, नॉन-क्रीमीलेयर प्रमाणपत्र और निवास और अधिवास प्रमाणपत्र जैसे कई सरकारी दस्तावेज मुहैया कराए जाएंगे। साथ ही अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं का फायदा दिलाने के लिए संबंधित विभागों के अफसर भी शिविरों में मौजूद रहेंगे।
पिछड़ा और बहुजन कल्याण विभाग मिलकर मंडल और तालुका स्तर पर ये शिविर लगाएंगे। विमुक्त जातियों और भटकी जमातों की घुमंतू जीवनशैली को देखते हुए सरकार की योजनाओं और मूलभूत हक से जुड़े कागजातों का फायदा उन तक असरदार तरीके से पहुंचाना ही इस अभियान का मकसद है।
शिविर लगने से पहले बस्ती स्तर पर लाभार्थियों की लिस्ट तैयार कर जरूरी कागजात पूरे कराए जाएंगे। अभियान के दौरान इस बात पर खास जोर रहेगा कि पात्र लाभार्थियों को तुरंत प्रमाणपत्र बांट दिए जाएं। इसके लिए संबंधित उपविभागीय अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार, मुख्याधिकारी, हेल्थ डिपार्टमेंट के अफसर और जिला व तालुका स्तर के अलग-अलग विभागों के सक्षम अधिकारी शिविरों में मौजूद रहेंगे।
अभियान का उद्घाटन संबंधित जिले के पालक मंत्री के हाथों होगा, और इसमें स्थानीय सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी अभियान को सही तरीके से लागू कराने के लिए तालमेल बिठाएंगे। शिविरों की जगह और वक्त की जानकारी संबंधित जिला और तालुका प्रशासन की तरफ से जारी की जाएगी।
सरकारी फैसले में कहा गया है कि महाराष्ट्र में भटकी-विमुक्त जमातों की संख्या काफी बड़ी है, और उनकी घुमंतू जीवनशैली की वजह से उन तक योजनाओं की जानकारी और फायदा पहुंचाना जरूरी है। इसीलिए इस योजना को उन तक पहुंचाने के लिए यह खास मुहिम चलाई जा रही है।
सरकार का मकसद साफ है, भटके-विमुक्तों को न्याय और हक दिलाकर उन्हें जरूरी सरकारी कागजात मुहैया कराना, जिसमें आधार कार्ड, वोटर आईडी, जात प्रमाणपत्र, इनकम सर्टिफिकेट, नॉन-क्रीमीलेयर और निवास प्रमाणपत्र शामिल हैं। सरकार ने अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा भटके-विमुक्त बांधव इस विशेष अभियान का फायदा उठाएं।