बावनकुळे की राहुल गांधी पर टिप्पणी पर यशोमती ठाकुर का तीखा पलटवार, दी चेतावनी
अमरावती के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे के राहुल गांधी पर दिए बयान पर कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर भड़कीं, पद की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी
राहुल गांधी को लेकर महसूल मंत्री और अमरावती के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे के एक बयान ने राज्य की सियासत में फिर हलचल मचा दी है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री एडवोकेट यशोमती ठाकुर ने इस बयान पर तीखा पलटवार करते हुए बावनकुळे को सीधी चेतावनी दी है। ठाकुर ने कहा, "बावनकुळे साहब, जरा अपनी जुबान पर लगाम रखिए। दोबारा ऐसी भाषा इस्तेमाल की तो आपकी गाठ सच्चे कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पड़ेगी।"
दरअसल मीडिया से बात करते हुए चंद्रशेखर बावनकुळे ने राहुल गांधी पर बेहद निचले स्तर पर निजी टिप्पणी की थी। बावनकुळे ने कहा था कि राहुल गांधी सठिया गए हैं, उनका बुद्धिभ्रंश हो गया है और उन्हें नागपुर के मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती कराने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आलोचना करना सूरज को दीया दिखाने जैसा है और देश ने राहुल गांधी को नकार दिया है।
बावनकुळे के इसी बयान का जवाब देते हुए एडवोकेट यशोमती ठाकुर ने कहा, "चंद्रशेखर बावनकुळे एक गंभीर राजनीतिक नेता हैं और उनसे उम्मीद थी कि वे वैचारिक स्तर पर यह लड़ाई लड़ेंगे, लेकिन वे सीधे निजी स्तर पर उतर आए हैं। राहुल गांधी देश की संसद में विपक्ष के नेता हैं और उस गांधी-नेहरू परिवार के प्रतिनिधि हैं जिसने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन पर इस तरह निजी टिप्पणी करने जितनी राजनीतिक ऊंचाई बावनकुळे की नहीं है।"
ठाकुर ने आगे सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश और राज्य में बढ़ती बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जनता के मूल सवालों पर सत्ताधारियों के पास बोलने को कुछ नहीं है। उनके मुताबिक पुणे में हुआ 'छात्रों की बात' कार्यक्रम और राहुल गांधी का इंदौर वाला कार्यक्रम विरोधियों की आंखों में खटक गया है, जो उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ, इसीलिए वे इस तरह निजी कीचड़ उछाल रहे हैं।
पालक मंत्री के जनता दरबार पर भी ठाकुर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए जनता दरबार में दो-दो हजार नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, इसी से पता चलता है कि जनता सरकार से कितनी नाराज और असंतुष्ट है। उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों की बिजली गायब है, जंगली जानवरों का उपद्रव बढ़ने से फसलों का नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार का इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं है।
बात खत्म करते हुए एडवोकेट ठाकुर ने चेतावनी दी, "आप जिले के पालक मंत्री और राज्य के जिम्मेदार मंत्री हैं, अपने पद की गरिमा बनाए रखिए। मर्यादा छोड़कर बयान देना बंद कीजिए, वरना कांग्रेस कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे और जैसे को तैसा जवाब दिया जाएगा।"