बंगाल की खाड़ी में कम दबाव, नागपुर समेत विदर्भ में 25 सितंबर तक बारिश के आसार
मौसम विभाग ने यवतमाल, चंद्रपुर और गढ़चिरौली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया, बाकी विदर्भ में यलो अलर्ट।
मानसून की विदाई की तैयारी के बीच विदर्भ में एक बार फिर बारिश का दौर लौटने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से नागपुर समेत विदर्भ के कई जिलों में आने वाले दिनों में बारिश, गरज और चमक का सिलसिला शुरू होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश तक की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग के हिसाब से 22 सितंबर को नागपुर, भंडारा, गोंदिया, वर्धा, यवतमाल, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। 23 सितंबर को पूरे विदर्भ में यलो अलर्ट रहेगा। इसके बाद 24 और 25 सितंबर को कुछ जिलों में बारिश और तेज होने के आसार हैं।
तीन जिलों की बात करें तो यवतमाल, चंद्रपुर और गढ़चिरौली के लिए 24 और 25 सितंबर को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जगहों पर कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। विदर्भ के बाकी जिलों में इन्हीं दो दिनों में यलो अलर्ट लागू रहेगा। मौसम विभाग ने इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश होने की बात कही है।
दरअसल सोमवार दोपहर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से कम दबाव का क्षेत्र बना है। यह सिस्टम अगले दो दिनों में पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। इसके चलते विदर्भ के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां फिर से तेज होने की उम्मीद है।
इसके अलावा उत्तर से दक्षिण दिशा में मानसूनी द्रोणिका बनने से भी बारिश के लिए माहौल अनुकूल हो रहा है। यही कारण है कि 25 सितंबर तक विदर्भ के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर बने रहने का अनुमान है। नागपुर में भी 25 सितंबर को बारिश होने की संभावना जताई गई है।
विदर्भ में मानसून की वापसी का वक्त अब नजदीक आ रहा है, इसलिए बारिश का यह दौर खास माना जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है और 21 सितंबर तक राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों से मानसून पीछे हट चुका है।
अगर मौसम की परिस्थितियां ठीक रहीं तो विदर्भ से मानसून की वापसी अक्टूबर के पहले हफ्ते से शुरू हो सकती है। हालांकि मानसून जाने से पहले नागपुर समेत विदर्भ के कुछ हिस्सों में एक-दो बार तेज या भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
महाराष्ट्र से मानसून की पूरी विदाई के लिए सामान्य तारीख 10 अक्टूबर मानी जाती है। इससे पहले बंगाल की खाड़ी में बन रहे इस सिस्टम की वजह से विदर्भ में बारिश के एक-दो और दौर देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।