गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:04 IST

बल्लारशाह के पास विसापूर इलाके में रात को गुप्तधन के लिए तांत्रिक विधि, महिला सहित नौ लोग पुलिस के कब्जे में

चंद्रपुर जिले के बल्लारशाह पुलिस ने नागपुर, यवतमाल और वर्धा के आरोपियों की अंतरजिला टोली पकड़ी, जादूटोणाविरोधी कानून के तहत मामला दर्ज।

बल्लारशाह के पास विसापूर इलाके में रात को गुप्तधन के लिए तांत्रिक विधि, महिला सहित नौ लोग पुलिस के कब्जे में
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपूर जिले के बल्लारशाह पुलिस ने एक अंतरजिला टोली को पकड़कर उनके गुप्तधन ढूंढने के नाम पर चल रहे अघोरी मंसूबे को नाकाम कर दिया है. विसापूर गांव के पास नदी किनारे स्थित सुनसान इलाके में एक महिला समेत नौ लोगों को हिरासत में लिया गया. स्थानीय लोगों की सतर्कता की वजह से आधी रात को यह कार्रवाई कामयाब हो सकी.

घटना 9 सितंबर की रात करीब 12 बजे की है, जब MH-40-CX-4616 नंबर की एक गाड़ी विसापूर गांव के पास नदी की तरफ जाती हुई कुछ लोगों को दिखी. गाड़ी में कुछ पुरुष और एक महिला बैठे थे, और उनका अंदाज देखकर स्थानीय लोगों को शक हुआ कि ये लोग गुप्तधन ढूंढने या कोई तांत्रिक विधि करने के इरादे से जा रहे हैं. लोगों ने तुरंत विसापूर पुलिस चौकी के हवालदार माहूरकर को इसकी खबर दी.

यह सूचना रात की ड्यूटी पर मौजूद पुलिस उपनिरीक्षक करिश्मा मोरे ने बल्लारशाह के पुलिस निरीक्षक बिपीन इंगळे तक पहुंचाई. खबर मिलते ही इंगळे अपनी टीम के साथ सरकारी गाड़ी से विसापूर-कोलगाव दोराहे पर पहुंचे, जहां स्थानीय लोग पहले से ही उस गाड़ी का इंतजार कर रहे थे. थोड़ी देर में वही गाड़ी कोलगाव-विसापूर रास्ते से गांव की तरफ लौटती दिखी. पुलिस ने गाड़ी रोककर सवारों से पूछताछ की, मगर वे सीधा जवाब देने की बजाय टालमटोल करने लगे. मामला गंभीर लगने पर पुलिस ने गाड़ी में सवार सात पुरुष और एक महिला, यानी सभी आठ लोगों को आगे की पूछताछ के लिए बल्लारशाह थाने ले आई.

घटनास्थल की जांच में सामने आया कि नदी किनारे सुनसान जगह पर गुप्तधन के लिए अघोरी पूजा और गड्ढा खोदने की तैयारी की जा चुकी थी. पूछताछ में पुलिस को पता चला कि नागपुर के हिंगणा इलाके के देवागन विक्रम सहारे (42) इस टोली का मुख्य सूत्रधार है, जिसने सबको इकट्ठा किया था. राजुरा तहसील के रामपूर गांव के फरार आरोपी शांताराम हिंगणे ने अपने खेत में गुप्तधन होने की बात कहकर देवागन को जगह दिखाने का लालच दिया था. इसके लिए यवतमाळ जिले के राळेगाव के तांत्रिक श्यामराव नत्थु आत्राम (59) को बुलाया गया था. विधि के दौरान एक महिला का मौजूद रहना जरूरी बताया गया, इसलिए नागपुर की दिपाली दुर्गेश ढवराळ (40) को साथ लाया गया था, जिसने खुद कबूल किया कि उसे गुप्तधन की विधियों की पूरी जानकारी है.

इसके अलावा गड्ढा खोदने के लिए नागपुर के नरेंद्र बाबुराव राऊत (50) और यवतमाळ के किशोर नानाजी नैताम (51), मिट्टी टोकरी से निकालने के लिए वर्धा के हिंगणघाट निवासी अमोल रामदास राऊत (32), गुप्तधन की उम्मीद में आया नागपुर के कुही का गणेश भदू झाडे (33), पूजा का सामान लाने वाला राजुरा तहसील के आर्वी का राहुल सदाशिव खेडेकर (33) और नागपुर से सबको गाड़ी में लेकर आने वाला ड्राइवर राम बाबाराव काळे (42) शामिल थे. जांच में यह भी साबित हुआ कि सभी आरोपी आपसी तालमेल के साथ आधी रात को यह अघोरी काम करने के लिए इकट्ठा हुए थे.

बल्लारशाह थाने के थानेदार बिपीन सुभाष इंगळे की शिकायत पर मुख्य सूत्रधार देवागन सहारे, तांत्रिक श्यामराव आत्राम, दिपाली ढवराळ समेत नौ आरोपियों और फरार शांताराम हिंगणे, यानी कुल दस लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र नरबळी और अन्य अमानवीय, अनिष्ट व अघोरी प्रथा तथा जादूटोणा प्रतिबंधक कानून 2013 की धारा 3(2) और 3(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक अनिल राऊत कर रहे हैं, और फरार आरोपी की तलाश जारी है. पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के अंधश्रद्धा, अघोरी प्रथाओं या ठगी के जाल में न फंसें.

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