बदलापूर-कर्जत रेल्वे मार्ग: 48 यात्री संगठनों की रविंद्र चव्हाण से मांग
डोंबिवली में रेलवे यात्री संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से मुलाकात कर लंबित रेलवे प्रोजेक्ट्स तेज करने की मांग रखी।
मुंबई और ठाणे इलाके में रोज सफर करने वाले रेलवे यात्रियों की पुरानी दिक्कतों को लेकर एक बार फिर हलचल शुरू हुई है। डोंबिवली जिमखाना में रेलवे यात्री संघटनाओं के प्रतिनिधियों की मुलाकात सत्तारूढ़ भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से हुई। इस मीटिंग में मुंबई लोकल की क्षमता, यात्रियों की सुरक्षा और अलग-अलग इलाकों को सीधी कनेक्टिविटी से जोड़ने पर विस्तार से बातचीत हुई। साथ ही रुके हुए रेलवे प्रोजेक्ट्स को गति देने समेत कई अहम मांगें भी संगठनों ने इस दौरान रखीं।
ठाणे-मुंबई परिसर की 48 रेलवे यात्री संगठनों के प्रतिनिधियों ने डोंबिवली जिमखाना में रविंद्र चव्हाण से सद्भावना भेंट की। इस बैठक में मुंबई लोकल व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। लगातार बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए लोकल की क्षमता बढ़ाने, यात्रियों को सुरक्षित सफर की सुविधा देने और अलग-अलग इलाकों को सीधी रेलवे कनेक्टिविटी से जोड़ने को लेकर संगठनों ने अपनी बात रखी।
संगठनों ने कळवा-ऐरोली रेल्वे लिंक का काम जल्द पूरा करने की मांग की, जिससे ठाणे और नवी मुंबई इलाके के यात्रियों को ज्यादा सीधी रेलवे कनेक्टिविटी मिल सके। इसके साथ ही बदलापूर-कर्जत रेल्वे मार्ग के प्रोजेक्ट को रफ्तार देने की मांग भी उठाई गई। इस मार्ग का विकास होने पर संबंधित इलाके में रेलवे ट्रैफिक की क्षमता बढ़ाने के लिहाज से यह अहम साबित हो सकता है।
कल्याण-कसारा रेल्वे मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बनाने के प्रोजेक्ट को भी तेज करने की मांग यात्री संगठनों ने रखी। मुंबई लोकल व्यवस्था पर बढ़ते बोझ को देखते हुए इस मार्ग की क्षमता बढ़ाने की जरूरत बताई गई। साथ ही ठाणे-कर्जत और ठाणे-कसारा के बीच शटल सेवा शुरू करने की मांग भी की गई, जिससे इस रूट के यात्रियों को ज्यादा सीधा सफर मिल सके।
लोकल की फेरियों के बीच का अंतर यानी हेडवे कम करने के लिए आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम इस्तेमाल करने की मांग भी रखी गई। सिग्नलिंग सिस्टम अपग्रेड होने से मौजूदा रेलवे मार्ग का ज्यादा बेहतर इस्तेमाल हो सकता है। इसके अलावा दिवा-वसई-पनवेल के बीच सीधी रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग भी संगठनों ने रखी, जिससे यात्रियों को रूट बदलने की जरूरत कम पड़े।
कल्याण जंक्शन से लेकर CSMT तक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता बढ़ाने की मांग भी बैठक में उठी। मुंबई लोकल पर बढ़ते यात्री भार को देखते हुए संगठनों ने इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने की जरूरत बताई। यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित और सीधा सफर मिले और रुके हुए रेलवे प्रोजेक्ट्स को गति मिले, इसके लिए एक निवेदन के जरिए तमाम मांगें रखी गईं।
रविंद्र चव्हाण ने यात्री संगठनों की इन मांगों से जुड़ा विस्तृत निवेदन स्वीकार किया और इन मुद्दों पर सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यात्रियों की समस्याओं को लेकर सरकार स्तर पर जरूरी पैरवी करके इन्हें जल्द से जल्द सुलझाने की कोशिश की जाएगी। रेलवे की क्षमता बढ़ाने, यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित और सीधा सफर देने तथा लंबित रेलवे प्रोजेक्ट्स को गति देने के लिए संबंधित स्तर पर पैरवी करने का आश्वासन भी रविंद्र चव्हाण ने दिया। इस बैठक में कल्याण-डोंबिवली के उपमहापौर राहुल दामले, भालचंद्र लोहकरे, नवरे काका, मधुताई कोटियन, लताताई आरगडे, नंदकुमार देशमुख, अनिताताई, वंदनाताई सोनवणे, सिद्धेश देसाई, अनिकेत घमंडी समेत कई और लोग मौजूद थे।