मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:20 IST

अवमानना केस में मानमोडे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, हाईकोर्ट का आदेश फिलहाल कायम

निर्मल उज्ज्वल क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संस्थापक प्रमोद मानमोडे ने खुद पर चल रही आपराधिक अवमानना की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, लेकिन हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि एसएलपी दाखिल होने भर से उसका आदेश रुकता नहीं।

अवमानना केस में मानमोडे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, हाईकोर्ट का आदेश फिलहाल कायम
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर की निर्मल उज्ज्वल क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संस्थापक प्रमोद मानमोडे अब अपने खिलाफ चल रही आपराधिक अवमानना की कार्रवाई को लेकर सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। उन्होंने इस मामले में विशेष अनुमति याचिका, यानी एसएलपी, दाखिल की है। इसकी जानकारी बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ को दी गई है, हालांकि यह एसएलपी अभी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो पाई है।

यह पूरा मामला प्रणाली रवींद्र पुट्टेवार की तरफ से दाखिल अवमानना याचिका से जुड़ा है। बुधवार को इस याचिका पर न्यायमूर्ति अनिल पानसरे और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की खंडपीठ के सामने सुनवाई हुई। इस दौरान मानमोडे की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील अविनाश गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट के जिस आदेश पर यह पूरी कार्रवाई टिकी है, उसे सुप्रीम कोर्ट में पहले ही चुनौती दी जा चुकी है।

इस पर हाईकोर्ट ने अपनी बात साफ रखी। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ एसएलपी दाखिल कर देने भर से उसके आदेश पर कोई रोक नहीं लग जाती। जब तक सुप्रीम कोर्ट खुद कोई स्थगन या दूसरा आदेश नहीं देता, तब तक हाईकोर्ट का अवमानना संबंधी आदेश पूरी तरह लागू रहेगा।

यहां यह भी याद रखना जरूरी है कि इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट प्रमोद मानमोडे पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगा चुकी है। कोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया में दखल को गंभीरता से लेते हुए यह भी निर्देश दिया था कि मानमोडे के खिलाफ अलग से आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए। मानमोडे अब इसी कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रहे हैं।

फिलहाल स्थिति यह है कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है, और न ही हाईकोर्ट के आदेश पर किसी तरह की रोक लगाई गई है। यानी जुर्माना और अवमानना कार्रवाई से जुड़े निर्देश अभी उसी तरह लागू हैं जैसे पहले तय हुए थे।

इस मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होनी है। उस दिन तक सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी की स्थिति क्या रहती है, यह भी सबकी नजर में रहेगा, क्योंकि उसी पर आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।

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