Asian Games 2026: नेम ऐसा साधा कि सीधा Silver जीत लिया! ईशा सिंग की शानदार परफॉर्मेंस
जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत की स्टार शूटर ईशा सिंग ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रौप्य पदक जीता।
जापान में इस वक्त एशियन गेम्स 2026 चल रहा है, और इस स्पर्धा में भारत का प्रदर्शन शुरू से ही शानदार रहा है। भारत के नेमबाजों ने पिस्टल क्रीडा प्रकार में एक और मेडल देश की झोली में डाला है। महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में भारत की स्टार शूटर ईशा सिंग ने शानदार खेल दिखाते हुए रौप्य पदक अपने नाम किया।
यह ईशा का आशियाई खेलों में लगातार दूसरा रौप्य पदक है, यानी इस स्पर्धा में उसने अपना पिछला मेडल भी बरकरार रखा है। गोल्ड मेडल के लिए हुआ फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला रहा। ईशा सिंग और चीन की नेमबाज के बीच खिताब के लिए जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। पूरे मैच में दोनों शूटरों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। तय राउंड के बाद दोनों खिलाड़ी 38-38 पॉइंट्स के साथ बराबरी पर रहीं।
हालांकि ईशा गोल्ड मेडल से चूक गईं, लेकिन उन्होंने जो हिम्मत और शानदार खेल दिखाया, उसकी पूरे देश में तारीफ हो रही है। इंटरनेशनल लेवल पर लगातार दूसरी बार रौप्य पदक जीतकर ईशा ने भारतीय शूटिंग में अपनी बादशाहत एक बार फिर साबित कर दी है। उनकी इस ऐतिहासिक परफॉर्मेंस पर उन्हें चारों तरफ से बधाइयां मिल रही हैं।
इस स्पर्धा में भारतीय टीम को पदक का मजबूत दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि टीम में एक से बढ़कर एक अनुभवी और सिद्ध नेमबाज शामिल थीं। टीम में दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर, एशियन गेम्स में रौप्य पदक जीतने वालीं ईशा सिंग, और कई मेडल जीत चुकीं अनुभवी शूटर राही सरनोबत शामिल थीं। लेकिन प्रिसिजन और रैपिड राउंड में भारतीय महिला टीम का स्कोर उतना अच्छा नहीं रहा, जिसकी वजह से टीम पांचवें स्थान पर पहुंची और टीम इवेंट में मेडल का मौका हाथ से निकल गया।
टीम इवेंट में मेडल न मिलने के बावजूद, व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालिफाई करने में सिर्फ ईशा सिंग ही कामयाब हो सकीं। फाइनल में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और उन्हें आठवें स्थान पर संतोष करना पड़ा। ईशा के अलावा और कोई भारतीय नेमबाज फाइनल में जगह नहीं बना सका। बहरहाल, ईशा सिंग ने रौप्य पदक जीतकर भारत के मेडल टैली में एक और इजाफा कर दिया है, और इस पदक के साथ ही भारत की झोली एशियन गेम्स 2026 में और भारी हो गई है।