मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:46 IST

अंबाजोगाई में आवारा कुत्तों के हमले में 6 साल के फरहान की इलाज के दौरान मौत

बीड जिले के अंबाजोगाई की रोशन कॉलनी में कुत्तों के झुंड के हमले में घायल बच्चे ने लातूर में दम तोड़ा।

अंबाजोगाई में आवारा कुत्तों के हमले में 6 साल के फरहान की इलाज के दौरान मौत
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

बीड जिले के अंबाजोगाई शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है। रोशन कॉलनी इलाके में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक बच्चे पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल हुए 6 साल के इस बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृत बच्चे का नाम फरहान आस मोहम्मद कुरेशी है। इस घटना के बाद पूरे अंबाजोगाई शहर में मातम और अफसोस का माहौल है।

फरहान रोशन कॉलनी इलाके में ही रहता था। कुछ दिन पहले आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक उस पर हमला बोल दिया और वह बुरी तरह जख्मी हो गया। अचानक हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया था।

हमले के बाद फरहान को फौरन इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में अंबाजोगाई में ही उसका इलाज हुआ। लेकिन जब उसकी हालत बिगड़ गई, तो आगे के इलाज के लिए उसे लातूर ले जाया गया।

लातूर में डॉक्टर उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे थे। घरवालों और आसपास के लोगों को उम्मीद थी कि उसकी हालत में सुधार होगा। मगर इलाज चलते-चलते ही फरहान ने आखिरी सांस ली। सिर्फ 6 साल के बच्चे की इस तरह मौत से उसके परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। खबर फैलने के बाद अंबाजोगाई शहर में भी लोग गमगीन हैं।

इस हादसे ने अंबाजोगाई में आवारा कुत्तों की समस्या को फिर सामने ला दिया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में आवारा कुत्तों की तादाद बढ़ने की शिकायतें लोग करते आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क से गुजरने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों में कुत्तों को लेकर डर बना रहता है। कुत्तों के झुंड अक्सर सड़कों पर घूमते दिखते हैं, इसलिए लोगों की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है।

फरहान की मौत के बाद अब मांग जोर पकड़ रही है कि अंबाजोगाई शहर के आवारा कुत्तों की समस्या पर फौरन कदम उठाए जाएं। लोगों की मांग है कि नगरपालिका इस मसले को गंभीरता से ले और नागरिकों की हिफाजत के लिए ठोस कदम उठाए। स्कूल जाने वाले बच्चों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को आवारा कुत्तों के हमले का खतरा ज्यादा होता है, इसलिए संबंधित विभागों से रोकथाम के इंतजाम करने की जरूरत बताई जा रही है।

एक मासूम 6 साल के बच्चे की जान जाने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। अब अंबाजोगाई के लोगों की नजर इस पर है कि नगरपालिका और संबंधित प्रशासन इस समस्या पर क्या कदम उठाता है।

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