अगले 48 घंटों में महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं को लेकर कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
महाराष्ट्र में मौसम के मिजाज में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। वापसी की बारिश ने जोर पकड़ लिया है और राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश हो रही है। हालांकि हर जगह बारिश नहीं हो रही, इसलिए कुछ इलाकों के लोग अभी भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने आज कुछ जिलों में सीधे मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है, जबकि बाकी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना जताई है।
मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक रायगड, सातारा, सातारा घाटमाथा, सोलापुर, लातूर, नांदेड और गडचिरोली जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मुंबई, ठाणे, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर घाटमाथा, कोल्हापुर, सांगली, पुणे, पुणे घाटमाथा, नाशिक, नाशिक घाटमाथा, अहिल्यानगर, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, धाराशिव, परभणी, हिंगोली, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, चंद्रपुर, भंडारा और गोंदिया जिलों में बिजली कड़कने के साथ बारिश की संभावना है। पालघर, धुले, नंदुरबार और जलगांव जिलों में हल्की बारिश की फुहारें पड़ेंगी। कल यानी बुधवार को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का जोर बना रहेगा। सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर घाटमाथा, धाराशिव, लातूर, नांदेड, यवतमाल, वर्धा, चंद्रपुर, नागपुर, गडचिरोली और गोंदिया जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा रायगड, रत्नागिरी, कोल्हापुर, सातारा घाटमाथा, पुणे घाटमाथा, नाशिक घाटमाथा, सांगली, सातारा, पुणे, नाशिक, अहिल्यानगर, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, बीड, जालना, परभणी, हिंगोली, बुलढाणा, वाशिम, अकोला, अमरावती और भंडारा जिलों में बिजली कड़कने के साथ बारिश होगी। जलगांव, धुले, पालघर, मुंबई और ठाणे जिलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश की फुहारें पड़ेंगी।
नैऋत्य मॉन्सून की वापसी की सीमा फिलहाल जैसलमेर, नागौर, सीकर, रोहतक, पटियाला, गुरदासपुर इलाके में जैसे तैसे बनी हुई है। लेकिन अगले 2 दिनों में पंजाब के बाकी हिस्सों, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के कुछ और हिस्सों, साथ ही सौराष्ट्र-कच्छ, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से मॉन्सून की वापसी के लिए बेहद अनुकूल हालात बन रहे हैं।
पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पिछले 6 घंटों में 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है। यह क्षेत्र ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व में, आंध्र प्रदेश के कलिंगपत्तनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, ओडिशा के पुरी से 210 किमी दक्षिण में और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 12 घंटों में यह कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़कर और तेज कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा। इसके बाद यह आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश से दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाके को पार करने की संभावना है।