अब प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों की भी होगी टीईटी पात्रता की जांच
शिक्षण विभाग राज्य के खासगी विनाअनुदानित और स्वयंअर्थसहाय्यित स्कूलों के शिक्षकों की टीईटी पात्रता की जानकारी जुटाएगा।
पुणे : राज्य के सरकारी और अनुदानित स्कूलों के बाद अब प्राइवेट गैर-अनुदानित और स्व-वित्तपोषित स्कूलों के शिक्षकों की टीईटी पात्रता भी जांची जाएगी। शिक्षा का अधिकार कानून यानी RTE के मुताबिक पहली से आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास होना जरूरी है। इसी वजह से शिक्षण विभाग प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों की टीईटी पात्रता की जानकारी जमा करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
अब तक टीईटी पात्रता को लेकर कार्रवाई ज्यादातर सरकारी और अनुदानित स्कूलों के शिक्षकों तक ही सीमित थी। अब प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों की जानकारी भी यूडायस प्रणाली के जरिए इकट्ठा की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक पहली से आठवीं के कार्यरत शिक्षकों को टीईटी पात्रता पूरी करने के लिए अगस्त २०२८ तक का समय दिया गया है।
राज्य में सभी प्रबंधनों के स्कूलों को मिलाकर सात लाख से ज्यादा शिक्षक काम कर रहे हैं। प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों में कितने टीईटी पात्र हैं, यह जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की योजना बनाई जाएगी।
इस बीच युवा शैक्षणिक न्याय संगठन के अध्यक्ष संदीप कांबळे ने कहा कि टीईटी पेपर लीक मामले की गहरी और निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। उनके मुताबिक यह भी देखा जाए कि टीईटी पास करने के लिए गलत रास्ते का इस्तेमाल हुआ या नहीं। अब तक सीटीईटी पास शिक्षकों के सर्टिफिकेट और कागजात की आधिकारिक जांच होनी चाहिए। गड़बड़ी मिले तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा बना रहे, इसके लिए पूरे मामले की सच्चाई जल्द से जल्द जनता के सामने लानी चाहिए।
उधर आरटीई २५ प्रतिशत प्रवेश प्रक्रिया में लॉटरी से चुने गए विद्यार्थियों के दाखिले के लिए कागजात की जांच और प्रवेश पक्का करने की मियाद बढ़ा दी गई है। विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए यह मियाद अब २१ अप्रैल से ३० अप्रैल २०२६ के बीच बढ़ाई गई है। यह जानकारी प्राथमिक शिक्षण संचालक शरद गोसावी ने प्रेस नोट के जरिए दी।