आदिवासी इलाकों के विकास के लिए 25 हजार करोड़ का प्रावधान, मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया ऐलान
मुंबई में संसदीय संकुल विकास परियोजना का उद्घाटन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने योजना की जानकारी दी।
मुंबई में सह्याद्री अतिथिगृह पर संसदीय संकुल विकास परियोजना का उद्घाटन हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज कहा कि इस योजना के जरिए जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
फडणवीस ने कहा कि परियोजना के तहत जो भी कार्ययोजनाएं बनेंगी, उन्हें लागू करने के लिए राज्य सरकार तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गांव में ही रोजगार पैदा करके पलायन रोका जा सकेगा। साथ ही जनजातीय इलाकों के लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठाकर सामाजिक बदलाव लाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक परियोजना के मुख्य मकसद चार हैं: आदिवासी क्षेत्र का विकास, लोगों का जीवन स्तर बेहतर करना, रोजगार पैदा करना और पलायन रोकना। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनजातीय क्षेत्र के लिए चल रही योजनाओं को आपस में जोड़ना होगा। एक अकेले गांव की जगह गांवों का समूह बनाकर एकीकृत तरीके से विकास करना जरूरी है। लोगों की जिंदगी बेहतर करने वाले उपक्रम भी इसमें शामिल होंगे।
फडणवीस ने बताया कि इस परियोजना का विचार पांच से छह साल पहले रखा गया था और अब उस पर अमल हो रहा है। उनके कहना था कि रिपोर्ट से दिखता है कि नंदुरबार जिले में परियोजना के अच्छे नतीजे आए हैं। खेती के क्षेत्र को बड़े पैमाने पर फायदा मिल रहा है, और इससे लोगों के जीवन स्तर में भी बदलाव आ रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने जनजातीय क्षेत्र के लिए दो योजनाएं बनाई हैं, जिनसे इस इलाके के विकास को रफ्तार मिल रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को असरदार तरीके से लागू किया जाए तो उम्मीद के मुताबिक नतीजे मिल सकते हैं। फडणवीस ने साफ किया कि योजनाओं का फायदा असली लाभार्थियों तक पहुंचे, यह देखना और उनके अमल पर कारगर नियंत्रण रखना जरूरी है।
कार्यक्रम में आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. भारती पवार, विधायक रवींद्र चव्हाण और योगेश सागर मौजूद थे। इनके अलावा योजक संस्था के गजानन डांगे और संसदीय संकुल परियोजना के संयोजक व्ही. सतीश आदि भी उपस्थित रहे।