गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:04 IST

13 महीने बाद माधुरी हथिनी वंतारा से लौटी, कोल्हापुर के नांदणी मठ में जोरदार स्वागत

हाई पावर कमेटी के आदेश के बाद माधुरी हथिनी गुजरात के वंतारा से 13 महीने बाद कोल्हापुर के नांदणी मठ लौटी, शर्तों के साथ मिली मंजूरी।

13 महीने बाद माधुरी हथिनी वंतारा से लौटी, कोल्हापुर के नांदणी मठ में जोरदार स्वागत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कोल्हापुर जिले के शिरोळ तालुके में नांदणी मठ की मशहूर हथिनी, जिसे महादेवी और माधुरी दोनों नामों से जाना जाता है, आखिरकार अपने घर लौट आई है। 13 महीने की कानूनी लड़ाई के बाद उसे वापस कोल्हापुर लाने में कामयाबी मिली। गुजरात के वंतारा पुनर्वास केंद्र में रह रही माधुरी अदालती प्रक्रिया और हाई पावर कमेटी के आदेश के बाद फिर से कोल्हापुर पहुंची है। जब माधुरी कोल्हापुर में दाखिल हुई तो पूरा नांदणी गांव उसके स्वागत के लिए तैयार खड़ा था। नांदणी समेत सभी गांव वालों ने उसका जोश के साथ स्वागत किया।

कोल्हापुर में महादेवी के नाम से पहचानी जाने वाली माधुरी हथिनी की वापसी को लेकर वंतारा ने गुरुवार को एक बयान जारी किया। इस बयान के मुताबिक माधुरी को कोल्हापुर लौटने की इजाजत दे दी गई है, और यह फैसला 9 सितंबर को हाई पावर कमेटी यानी एचपीसी के आदेश के बाद लिया गया है।

एचपीसी ने दोनों पक्षों की बात सुनने, रिपोर्टों की समीक्षा करने और महाराष्ट्र के नांदणी की सुविधा का मुआयना करने के बाद माधुरी की वापसी को मंजूरी दी। इस आदेश में कई शर्तें भी रखी गई हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि माधुरी का इस्तेमाल किसी जुलूस या किसी और मकसद के लिए नहीं किया जा सकेगा।

वंतारा ने बताया कि हथिनी को 24 घंटे देखभाल और हर दो हफ्ते में मेडिकल जांच की जरूरत होगी। एचपीसी के निर्देशों के मुताबिक माधुरी को 30 जुलाई 2025 को जामनगर के वंतारा लाया गया था। इन निर्देशों को मुंबई हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी मंजूरी दी थी। उन्होंने माधुरी का कब्जा नहीं मांगा, बल्कि निर्देशों के मुताबिक उसे रखकर उसकी देखभाल की।

पिछले साल पशु अधिकार संगठन पेटा इंडिया ने मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दावा किया था कि माधुरी को गठिया और पैरों की गंभीर बीमारियां हैं और मठ में उसकी सही देखभाल नहीं हो रही। मुंबई हाई कोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2025 में पेटा की याचिका के आधार पर माधुरी को बेहतर मेडिकल इलाज के लिए गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा वन्यजीव पुनर्वास केंद्र भेजने का आदेश दिया था। उसी के मुताबिक 28 जुलाई 2025 को उसे वंतारा ले जाया गया।

माधुरी को गुजरात भेजे जाने से कोल्हापुर ही नहीं, पूरे महाराष्ट्र के भक्तों में गुस्सा फैल गया था। पूर्व सांसद राजू शेट्टी, नांदणी मठ के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने माधुरी के लिए 45 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली, मोर्चे और बंद किए और भूख हड़ताल भी की। सोशल मीडिया पर भी बॉयकॉट जैसी मुहिम चलाकर वंतारा प्रशासन पर दबाव बनाया गया।

कोल्हापुर वालों की भावनाओं को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार भी इस लड़ाई में उतरी। नांदणी मठ की तरफ से वकील मनोज पाटील ने सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी के सामने पुनर्विचार अर्जी दाखिल की। इसके बाद वंतारा प्रशासन ने भी कोर्ट में माधुरी की कोल्हापुर वापसी को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। कोर्ट के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय संयुक्त कमेटी ने नांदणी मठ जाकर मुआयना किया। माधुरी के लिए मठ में कुछ अत्याधुनिक सुविधाएं और मेडिकल सेंटर भी बनाया गया।

9 सितंबर 2026 की ऑनलाइन सुनवाई के बाद 10 सितंबर 2026 को हाई पावर कमेटी ने कुछ शर्तों के साथ माधुरी को फिर से कोल्हापुर लाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी। माधुरी का इस्तेमाल किसी भी तरह के धार्मिक जुलूस, उत्सव या मेहनत के काम के लिए नहीं किया जा सकेगा। उसकी सुरक्षा और सेहत के लिए मठ में 24 घंटे खास इंतजाम रखना होगा। हर 15 दिन में उसकी विस्तृत मेडिकल जांच होगी, जिसके लिए वंतारा के एक्सपर्ट डॉक्टर खुद नांदणी मठ आते रहेंगे।

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