मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:54 IST

1 अक्टूबर से मध्य रेलवे की टिकट जांच मुहिम, WhatsApp या स्क्रीनशॉट वाला टिकट नहीं चलेगा

मध्य रेलवे 1 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष टिकट जांच मुहिम चलाएगी। मोबाइल में रखा टिकट या फोटो मान्य नहीं होगा, न्यूनतम जुर्माना 500 रुपये होगा।

1 अक्टूबर से मध्य रेलवे की टिकट जांच मुहिम, WhatsApp या स्क्रीनशॉट वाला टिकट नहीं चलेगा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

रेलवे से सफर करने वालों के लिए जरूरी खबर है। मध्य रेलवे (Central Railway) 1 अक्टूबर से एक महीने की विशेष टिकट जांच मुहिम शुरू कर रही है। इस दौरान WhatsApp पर आया टिकट या स्क्रीनशॉट वाला टिकट मान्य नहीं माना जाएगा। गलती पकड़ी गई तो 500 रुपये जुर्माने के साथ सीधी कार्रवाई हो सकती है।

आने वाले त्योहारों के मौसम में गाड़ियों में भीड़ बढ़ती है और बिना टिकट सफर करने वाले भी बढ़ते हैं। इसे रोकने के लिए मध्य रेलवे ने कमर कस ली है। यह मुहिम 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। मध्य रेलवे के सभी रूटों पर, लोकल गाड़ियों में और रेलवे स्टेशनों पर जांच होगी। मुहिम के दौरान असली पहचान पत्र न होना या गलत रियायत का इस्तेमाल करना यात्रियों को महंगा पड़ सकता है।

रेलवे के टिकट जांच कर्मचारी अब 'TTE App' से यात्रियों के टिकट और रियायतों की डिजिटल जांच करेंगे। सणों के दौरान होने वाली परेशानी और धोखाधड़ी रोकना इसका मकसद है। जांच में खास तौर पर इन बातों पर नजर रहेगी।

पहली बात रियायती टिकटों की है, यानी विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग और दूसरी रियायतों पर लिए गए टिकट। दूसरी बात खास कोटा और पास की है, जिसमें रेलवे कर्मचारियों के ई-पास (E-Pass), पीटीओ (PTO) और ग्रुप बुकिंग आते हैं। तीसरी बात बिना टिकट और गलत तरीके से सफर की है। गलत डिब्बे में सफर करने वालों पर सख्त नजर रखी जाएगी।

कोई भी रियायत या कोटा इस्तेमाल करके सफर कर रहे हों तो असली पहचान पत्र (Original ID Proof) साथ रखना जरूरी कर दिया गया है। मोबाइल में रखी फोटो, स्क्रीनशॉट या जेरॉक्स कॉपी नहीं मानी जाएगी।

मान्य दस्तावेजों में पैन कार्ड (PAN Card), पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी (Voter ID) शामिल हैं। केंद्र या राज्य सरकार का फोटो वाला पहचान पत्र भी चलेगा। मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज का फोटो वाला आईडी कार्ड, फोटो वाली राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक या लैमिनेटेड क्रेडिट कार्ड भी मान्य हैं। सरकारी नियम के मुताबिक तय किए गए दूसरे असली पहचान पत्र भी चलेंगे।

एक ही पीएनआर (PNR) या टिकट पर कई लोग सफर कर रहे हों तो टिकट पर नाम वाले कम से कम एक यात्री के पास असली पहचान पत्र होना जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो उस टिकट के सभी यात्रियों को बिना टिकट माना जाएगा।

रेलवे प्रशासन की जानकारी के मुताबिक, बिना टिकट या वैध कागज के बिना पकड़े जाने पर जुर्माना काफी बढ़ गया है। अब कम से कम 500 रुपये जुर्माना लगेगा, पहले यह 250 था। इसके अलावा सफर का नियम से तय मूल किराया अलग से भरना पड़ेगा।

रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए बने ई-पास या पीटीओ पर सफर करते समय भी सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। मध्य रेलवे प्रशासन ने अपील की है कि अक्टूबर में ट्रेन से सफर करते समय अपना असली पहचान पत्र और वैध टिकट साथ रखें।

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