वानखेडे के ड्रोन शो में दो ड्रोन बेकाबू, चर्चगेट स्टेशन पर गिरे; एक यात्री घायल
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
वानखेडे स्टेडियम में हो रहे ड्रोन शो के दो ड्रोन बेकाबू होकर चर्चगेट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर गिरे। एक ड्रोन से 37 साल के हेमंत महोत्सवकर के सिर में गंभीर चोट आई।
मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में हो रहे ड्रोन शो के दौरान बड़ा हादसा हो गया। शो के लिए उड़ाए गए दो ड्रोन कंट्रोल से बाहर हो गए और सीधे चर्चगेट रेलवे स्टेशन में आकर गिरे। इनमें से एक ड्रोन प्लेटफॉर्म पर खड़े 37 साल के यात्री हेमंत महोत्सवकर से टकरा गया, जिससे वे घायल हो गए।
हेमंत महोत्सवकर के सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। यह देखकर स्टेशन पर कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। रेलवे पुलिस ने दोनों ड्रोन अपने कब्जे में ले लिए हैं और जांच कर रही है कि हादसा आखिर हुआ कैसे।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वानखेडे स्टेडियम में बुधवार की रात एक टेलीकॉम कंपनी का कार्यक्रम रखा गया था। इसी कार्यक्रम के तहत ड्रोन शो हो रहा था। शो के दौरान आसमान में उड़ रहे ड्रोन अचानक बेकाबू हो गए, जिससे आसपास के इलाके में गड़बड़ी की हालत बन गई।
रात करीब 8 बजकर 10 मिनट पर दो ड्रोन पास में ही मौजूद पश्चिम रेलवे के चर्चगेट स्टेशन की तरफ आ गए। इसके बाद ये दोनों ड्रोन स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर गिर पड़े। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में डर फैल गया।
हेमंत महोत्सवकर (उम्र 37) प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर विरार की तरफ जाने वाले हिस्से में खड़े थे। उसी वक्त आसमान से नीचे आ रहे ड्रोन में से एक सीधे उनके सिर पर लगा। ड्रोन के जोर से टकराने से उनके सिर में चोट लगी और काफी खून बहने लगा।
सब कुछ अचानक हुआ, इसलिए शुरू में आसपास के यात्रियों को समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है। घायल यात्री के सिर से खून निकलता देख कई लोग घबरा गए और कुछ देर तक स्टेशन पर हड़बड़ी का माहौल रहा।
इस बीच रेलवे सुरक्षा कर्मचारी फौरन मौके पर पहुंचे और घायल यात्री की मदद की। उन्हें पहले प्राथमिक इलाज दिया गया। उसके बाद एम्बुलेंस से मुंबई के जी.टी. अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की खबर मिलते ही रेलवे पुलिस ने मामले को अपने हाथ में लिया। पुलिस ने मौके से दोनों ड्रोन कब्जे में ले लिए हैं। जानकारी सामने आई है कि इस हादसे के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ड्रोन शो के उपकरण अचानक कंट्रोल से बाहर कैसे हो गए, वे चर्चगेट रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुंचे और इस हादसे का जिम्मेदार कौन है।
मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में बड़े कार्यक्रमों के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ रहा है। चर्चगेट स्टेशन की घटना से साफ हुआ है कि ड्रोन कंट्रोल से बाहर जाए तो लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।
रेलवे स्टेशन जैसी भीड़ वाली सार्वजनिक जगह पर ऐसा हादसा होने से ड्रोन उड़ाते वक्त सुरक्षा नियमों के पालन, तकनीकी कंट्रोल और इमरजेंसी इंतजाम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उम्मीद है कि जांच से ड्रोन के बेकाबू होने की असली वजह साफ होगी।
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