राणा सूर्यवंशी मामले में धंगेकर ने उठाए सवाल, पुलिस महासंचालक दफ्तर के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शिवसेना नेता रवींद्र धंगेकर ने पुणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बारामती के उद्योगपति राणा सूर्यवंशी पर कई आरोप लगाए और पुलिस व गृह विभाग से जवाब मांगा।
पुणे: विधानपरिषद के स्नातक और शिक्षक चुनाव के बाद बीजेपी और शिवसेना के शिंदे गुट के नेताओं के बीच बयानबाजी चल रही है। शिवसेना नेता रवींद्र धंगेकर और बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन ने एक-दूसरे पर छींटाकशी की थी। अब धंगेकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तरफ रुख किया है। उन्होंने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बारामती के उद्योगपति राणा सूर्यवंशी के मामले पर मुख्यमंत्री और पुलिस से सवाल पूछे। सूर्यवंशी पर गोलीबारी और हमला होने के बाद पिछले कुछ दिनों से उनका नाम चर्चा में है।
धंगेकर ने कहा कि राज्य में गृह विभाग आखिर क्या कर रहा है। उनका कहना था कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें टारगेट किया, जबकि वे सच बोल रहे हैं और सच ही सामने रख रहे थे। धंगेकर के मुताबिक राणा सूर्यवंशी एक उद्योगपति है, जिसका नाम एक फर्जी हमले के मामले में आया था। उनका आरोप है कि उसने कई बार झूठ बोलकर हमले करवाए और सरकार से Y सुरक्षा ले ली। धंगेकर ने पूछा कि उस पर हमला किसने किया और हथियार कहां से आए। उन्होंने कहा कि दाते साहब इसकी जांच कर रहे हैं, पर पुलिस महानिदेशक को ही जिम्मेदारी क्यों दी गई, यह वह जानना चाहते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि यह आदमी किसके करीब है, असल में किसका है, और पुलिस को चकमा देकर कहां घूम रहा है। धंगेकर ने सवाल उठाया कि इसके पीछे गृह विभाग है या मुख्यमंत्री।
गडचिरोली के प्रोजेक्ट को लेकर धंगेकर ने दावा किया कि जानकारी लेने पर पता चला कि सूर्यवंशी ने वहां 264 एकड़ का प्रोजेक्ट किया है। उनके सवाल थे कि इसमें रजिस्ट्रेशन विभाग, तलाठी विभाग और राजस्व विभाग की क्या भूमिका रही, जमीनें कैसे हासिल की गईं और यह प्रोजेक्ट किसके आशीर्वाद से शुरू हुआ। उन्होंने पूछा कि क्या वह किसी का ब्लैक मनी व्हाइट कर रहा है या किसी को ब्लैक मनी का संरक्षण दे रहा है। धंगेकर का कहना था कि इसकी भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि उसके घर के कुछ लोग राजस्व विभाग में अधिकारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह कई हेलिकॉप्टरों का मालिक है और हेलिकॉप्टर तक उसका सफर कैसे हुआ, यह भी जांच का विषय है। साथ ही उन्होंने पूछा कि वह देवेंद्र फडणवीस साहब के करीब कैसे पहुंचा और क्या उसने उन तक कोई गलत तस्वीर पेश करके पहुंच बनाई, इसकी भी जांच की मांग धंगेकर ने की।
धंगेकर ने अपने दौंड तालुका की चिंचोली गांव की एक संस्था का भी जिक्र किया। उनके आरोप के मुताबिक यह शख्स पुलिस को हाथ में लेकर और अपनी पहचान का फायदा उठाकर वहां के भले लोगों और एक परिवार को लगातार तंग करता है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ऐसे आदमी को संरक्षण दे रही है तो बीजेपी के जो लोग आजकल सड़कों पर घूम रहे हैं, वे महाराष्ट्र को जवाब दें। उन्होंने कहा कि जवाब उन्हें देने की जरूरत नहीं है। धंगेकर ने अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी से इस मामले में ध्यान देने की गुजारिश की और कहा कि ऐसे फर्जी उद्योगपतियों को वक्त रहते जेल नहीं भेजा गया तो इससे भी बड़े कांड होंगे। उनके मुताबिक आम लोगों को मामूली पुलिस सुरक्षा नहीं मिलती, जबकि फर्जी मामले पुलिस की आंखों में धूल झोंककर हो रहे हैं।
धंगेकर ने कहा कि पिछले 8 दिन से कई अखबारों में खबरें आ रही हैं, फिर भी पुलिस अनदेखी कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि 8 दिन बाद भी आरोपी पर मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ और उसे किसका संरक्षण है। उन्होंने कहा कि आज वह इंतजार करेंगे और मामले का फैसला नहीं हुआ तो मुंबई में पुलिस महानिदेशक के दफ्तर के बाहर आंदोलन करेंगे। धंगेकर ने कहा कि महानिदेशक इसका संज्ञान लें और महाराष्ट्र की पुलिस की बदनामी बचाएं।
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