30 लाख की लूट को बैग चोरी बताने का आरोप, पुणे के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर सस्पेंड
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पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने मार्केट यार्ड के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विश्वजीत जगताप को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किया है।
मार्केट यार्ड, 31 अक्टूबर 2026: पुणे सिटी पुलिस के एक सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि 30 लाख रुपये की लूट को लूट के तौर पर दर्ज करने की जगह बैग चोरी का मामला बना दिया गया। पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने इस केस की हैंडलिंग पर हुई विभागीय जांच के बाद यह कार्रवाई की।
कमिश्नर ने सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विश्वजीत जगताप को ड्यूटी में लापरवाही के लिए सस्पेंड किया। विभागीय जांच में मार्केट यार्ड वाले केस के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी सामने आई थी।
वारदात 7 अक्टूबर की है, लेकिन मार्केट यार्ड पुलिस स्टेशन में FIR 28 अक्टूबर को जाकर दर्ज हुई।
FIR के मुताबिक मार्केट यार्ड में एक अंगड़िया (कैश कूरियर) कंपनी के दो कर्मचारी, श्रावण देवासी (22) और गणपत देवासी (18), 7 अक्टूबर को स्कूटर पर बैग में 30 लाख रुपये लेकर जा रहे थे। दोपहर करीब 1.15 बजे मार्केट यार्ड के पास शिवनेरी रोड पर दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच लोगों ने कथित तौर पर उन्हें रोक लिया।
आरोप है कि इन लोगों ने दोनों कर्मचारियों के चेहरे पर कोई चीज स्प्रे की, 30 लाख रुपये वाला बैग छीना और फरार हो गए।
इसके बाद कर्मचारियों ने अपने मालिक राकेश पारिहरिया को बताया, जिन्होंने पुलिस से संपर्क किया। मार्केट यार्ड पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन कथित तौर पर लूट का केस दर्ज नहीं किया। उसकी जगह 9 अक्टूबर को इस वारदात को बैग चोरी के मामले के तौर पर दर्ज किया गया।
इस बीच स्वारगेट पुलिस ने सैलिसबरी पार्क इलाके में एक कारोबारी से हुई दूसरी लूट की जांच के दौरान दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में इन दोनों ने कथित तौर पर कबूल किया कि 7 अक्टूबर को देवासी और गणपत से 30 लाख रुपये की लूट उन्होंने ही की थी।
इसी कथित कबूलनामे से मार्केट यार्ड के केस के रजिस्ट्रेशन में हुई गड़बड़ी सामने आई। विभागीय जांच के बाद पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विश्वजीत जगताप को सस्पेंड करने का आदेश दिया।
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