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पुणे में वेलनेस हीरोज सीजन 02, सेहत के लिए काम करने वालों का सम्मान

पुणे टाइम्स मिरर ने 22 अक्टूबर को सेहत और भलाई के लिए काम करने वाले लोगों और संस्थाओं का सम्मान किया।

पुणे में वेलनेस हीरोज सीजन 02, सेहत के लिए काम करने वालों का सम्मान तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पुणे टाइम्स मिरर ने 22 अक्टूबर को "वेलनेस हीरोज सीजन 02" का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जनस्वास्थ्य, निजी सेहत और हेल्थकेयर व कम्युनिटी की भलाई के लिए काम करने वाले लोगों पर ध्यान खींचा गया।

सिविक मिरर के साथ मिलकर हुए इस आयोजन में सेहत और भलाई के लिए योगदान देने वाले लोगों और संस्थाओं को सराहा गया। कार्यक्रम की थीम थी "वेलनेस फॉर अ चेंजिंग वर्ल्ड"। इसका मतलब सिर्फ शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं था। इसमें मन की शांति, भावनात्मक सेहत, जीवन का मकसद और अर्थपूर्ण रिश्ते भी शामिल किए गए।

मंत्री मेघना बोर्डिकर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की प्राथमिकताओं में जनस्वास्थ्य को सबसे ऊपर रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, "सेहत ही दौलत है, और हर देश को अपने लोगों की भलाई को पहले रखना चाहिए।" उन्होंने समाज की भलाई के लिए काम कर रहे लोगों की तारीफ भी की।

कार्यक्रम में यह बात उठी कि वेलनेस का मतलब सिर्फ बीमारी से बचना नहीं है। असल बात शारीरिक सेहत और मन की शांति के बीच, काम की जिम्मेदारियों और निजी खुशी के बीच संतुलन बनाए रखने की है। यह भी कहा गया कि जिंदगी का जश्न मनाते हुए अपनी देखभाल के लिए वक्त निकालना भी उतना ही जरूरी है।

पुणे टाइम्स मिरर और सिविक मिरर के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर तथा लेक्सिकॉन ग्रुप के प्रेसिडेंट पंकज शर्मा ने रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत के लिए वक्त निकालने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "भगवान ने हमें दिन के 24 घंटे दिए हैं, तो अपने लिए भी वक्त निकालिए।" उन्होंने लोगों से कहा कि वे अपनी भलाई को पहली प्राथमिकता दें, अपने शरीर का ख्याल रखें और हर दिन अपनी सेहत में निवेश करें। उनके मुताबिक अच्छी सेहत जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी में से एक है।

पुणे टाइम्स मिरर, सिविक मिरर और लेक्सिकॉन ग्रुप के वाइस चेयरमैन नीरज शर्मा ने शारीरिक फिटनेस और अंदरूनी सेहत के रिश्ते पर बात की। उन्होंने कहा, "वेलनेस का मतलब है अंदर और बाहर, दोनों तरफ से सेहतमंद और सक्रिय रहना।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिर्फ फिटनेस से किसी की पूरी सेहत तय नहीं होती। उनका कहना था कि अंदरूनी सेहत का ख्याल रखना उतना ही जरूरी है जितना शरीर को फिट रखना।

आयोजन के पांच फोकस एरिया थे: माइंड, बॉडी, इमोशन, पर्पज और कनेक्शन। ये पांचों एक संतुलित और भरी-पूरी जिंदगी के अलग-अलग पहलू दिखाते हैं।

इन सबको साथ लाकर "वेलनेस हीरोज सीजन 02" का मकसद उन लोगों को पहचान देना था जो भलाई की सोच को नए सिरे से गढ़ रहे हैं और अपने समुदायों और संस्थाओं में अर्थपूर्ण बदलाव की प्रेरणा दे रहे हैं।

"फील वेल. लिव फुली." के संदेश के साथ कार्यक्रम ने रोजमर्रा की जिंदगी में सेहत और खुद की देखभाल को शामिल करने की अहमियत पर जोर दिया। साथ ही वेलनेस के ज्यादा व्यापक नजरिए को बढ़ावा देने में लोगों और संस्थाओं की भूमिका की ओर भी ध्यान दिलाया गया, जहां शारीरिक सेहत, भावनात्मक संतुलन और निजी संतोष को एक-दूसरे से जुड़ी प्राथमिकताएं माना जाता है।

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