महाराष्ट्र के जोड़े अब डिजीलॉकर से निकाल सकेंगे मैरिज सर्टिफिकेट
राज्य के पंजीयन और मुद्रांक विभाग ने विवाह पंजीयन सॉफ्टवेयर को डिजीलॉकर से जोड़ा है, जिससे मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन मिलेगा।
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महाराष्ट्र में शादीशुदा जोड़ों को अब अपने मैरिज सर्टिफिकेट की कॉपी लेने के लिए रजिस्ट्रेशन दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य के पंजीयन और मुद्रांक विभाग ने इसके लिए एक नई डिजिटल सुविधा शुरू की है। इससे जोड़ों को सिर्फ कॉपी लेने के लिए दफ्तर जाने की जरूरत नहीं रहेगी।
विभाग ने अपने विवाह पंजीयन सॉफ्टवेयर को डिजीलॉकर से जोड़ दिया है। इसकी वजह से लोग अपना सरकारी मैरिज सर्टिफिकेट सीधे इस डिजिटल डॉक्युमेंट प्लेटफॉर्म से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। ये सर्टिफिकेट डिजिटल सिग्नेचर के साथ आएंगे, यानी हर कोई अपने पास एक प्रमाणित इलेक्ट्रॉनिक कॉपी रख सकेगा, जो आगे भी काम आएगी।
विभाग के मुताबिक इस इंटीग्रेशन का मकसद विवाह के रिकॉर्ड तक पहुंच को आसान बनाना है। साथ ही सर्टिफिकेट की कॉपी लेने के लिए सरकारी दफ्तरों में खुद जाने की जरूरत भी कम करना है।
ऑनलाइन विवाह पंजीयन की व्यवस्था पहले से चल रही है। विभाग स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत हुई शादियों का रजिस्ट्रेशन करता है। इसके अलावा जो शादियां पहले हो चुकी हैं और बाद में रजिस्टर कराई जाती हैं, उनका भी पंजीयन यही विभाग करता है। जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह सर्टिफिकेट जारी करता है।
विवाह पंजीयन 27 मई 2023 से ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हो रहा है। इस प्रक्रिया के हिस्से के तौर पर सर्टिफिकेट डिजिटल तरीके से ही बनते हैं।
ताजा इंटीग्रेशन से ये डिजिटल सेवाएं और आगे बढ़ी हैं, क्योंकि अब रजिस्टर्ड मैरिज सर्टिफिकेट डिजीलॉकर पर भी मिलेंगे। नागरिक सिर्फ कागज की कॉपी पर या संबंधित दफ्तर जाने पर निर्भर रहने के बजाय ये दस्तावेज ऑनलाइन निकाल सकते हैं।
जिन जोड़ों को सरकारी कामों और निजी जरूरतों के लिए मैरिज सर्टिफिकेट चाहिए होता है, उनके लिए यह सुविधा दस्तावेज हासिल करना आसान बना सकती है। सरकारी रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक और कदम भी है।
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