पुणे में पत्नी को कैप्सूल में ब्लेड के टुकड़े खिलाने वाले को 7 साल की सख्त कैद
पुणे की सेशंस कोर्ट ने 45 साल के सोमनाथ साधु सपकाल को पत्नी की हत्या की कोशिश और क्रूरता का दोषी पाया।
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पुणे की सेशंस कोर्ट ने 45 साल के एक आदमी को सात साल के सख्त कारावास की सजा सुनाई है। उस पर आरोप था कि उसने दवा बताकर अपनी पत्नी को ऐसे कैप्सूल खिलाए, जिनमें ब्लेड के टुकड़े भरे थे। कोर्ट ने उसे पत्नी को जान से मारने की कोशिश का दोषी पाया।
23 अक्टूबर की तारीख वाला यह आदेश सोमवार को उपलब्ध हुआ। इसमें पत्नी के साथ क्रूरता के लिए तीन साल के सख्त कारावास की सजा भी दी गई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी, यानी आरोपी को इन्हें एक ही समय में भुगतना होगा।
दोषी की पहचान सोमनाथ साधु सपकाल के रूप में हुई है। उसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 और 498A के तहत दोषी ठहराया गया। ये धाराएं हत्या की कोशिश और पति या उसके रिश्तेदारों की क्रूरता से जुड़ी हैं। कोर्ट ने पहले अपराध के लिए 50,000 रुपये और दूसरे के लिए 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला सपकाल की पत्नी छाया की शिकायत से शुरू हुआ। उसका आरोप था कि पति ने दवा बताकर उसे बार-बार ब्लेड के टुकड़ों वाले कैप्सूल दिए। अभियोजन के मुताबिक ये वारदातें अक्टूबर 2023 से उसी साल 8 नवंबर के बीच हुईं।
अभियोजन का कहना है कि छाया को अक्टूबर 2023 में पहली बार पेट में दर्द हुआ। बाद में उसने देखा कि मल के रास्ते ब्लेड का एक टुकड़ा निकला है। बताया गया कि ऐसा एक बार फिर हुआ। फिर 8 नवंबर को पेट में तेज दर्द होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन ने सात गवाह पेश किए। इनमें छाया, उसका बेटा, इलाज करने वाले डॉक्टर, एक मेडिकल दुकान के मालिक, पंच गवाह और जांच अधिकारी शामिल थे।
छाया और उसके बेटे ने कोर्ट में अभियोजन की बात पूरी तरह से नहीं मानी। फिर भी जज ने दूसरे सबूतों पर भरोसा किया, जिनमें मेडिकल जांच के नतीजे और आरोपी के घर से मिला सामान शामिल था।
मेडिकल दुकान के मालिक गणेश चौधरी ने कोर्ट में बताया कि सपकाल ने उनकी दुकान से Almox 500 कैप्सूल का एक पैकेट खरीदा था। अभियोजन के सबूतों के मुताबिक सपकाल के बयान के बाद जांच करने वालों ने उसके घर में दीवान से कैप्सूल का पैकेट और स्टील के ब्लेड के दो टुकड़े बरामद किए।
सुनवाई के दौरान जज ने जब्त की गई चीजें खुद देखीं, ताकि पता चले कि ब्लेड के टुकड़े कैप्सूल के अंदर आ सकते हैं या नहीं। कोर्ट इस नतीजे पर पहुंची कि सपकाल ने करीब दो महीने तक पत्नी को ब्लेड के टुकड़ों वाले कैप्सूल दिए। कोर्ट ने कहा कि यह हत्या की कोशिश है और IPC के संबंधित प्रावधानों के तहत क्रूरता भी।
हालांकि मारपीट और जानबूझकर बेइज्जती करने के अलग आरोपों को साबित करने के लिए कोर्ट को सबूत काफी नहीं लगे। इसलिए सपकाल को IPC की धारा 323 और 504 के आरोपों से बरी कर दिया गया।
सजा पर सुनवाई में बचाव पक्ष ने नरमी की मांग की। उसकी दलील थी कि सपकाल घर में अकेला कमाने वाला है और उसकी पत्नी उसके साथ रहती है और उसी पर निर्भर है। कोर्ट ने दोनों अपराधों में सख्त कारावास की सजा दी, जो साथ-साथ चलेगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि हिरासत में बिताई जा चुकी अवधि का कानून के हिसाब से लाभ उसे मिलेगा।
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