पुणे में साइबर ठगी से बचाव पर जागरूकता कार्यक्रम, पुलिस अफसर बोले- पहले घंटे में दें खबर
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पुणे के पार्वती में बजाज फाइनेंस के कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन सावधानी और संदिग्ध लेनदेन की फौरन रिपोर्ट से कई डिजिटल ठगियां रोकी जा सकती हैं।
पुणे, 30 अक्टूबर 2026: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करते वक्त सावधानी बरती जाए और शक वाले लेनदेन की रिपोर्ट तुरंत की जाए, तो कई डिजिटल और आर्थिक ठगियों से बचा जा सकता है। यह बात पुणे पुलिस के एक अधिकारी ने साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम पुणे के पार्वती में यशवंतराव चव्हाण लॉ कॉलेज में बजाज फाइनेंस लिमिटेड (BFL) ने आयोजित किया था।
'नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड' नाम का यह कार्यक्रम बजाज फाइनेंस की उस मुहिम का हिस्सा है, जो लोगों में वित्तीय और साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए चल रही है। बजाज फाइनेंस लिमिटेड बजाज फिनसर्व का हिस्सा है और देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में गिनी जाती है।
कार्यक्रम में आम साइबर खतरों पर बात हुई। इनमें फिशिंग, फर्जी ट्रेडिंग ऐप, नुकसान पहुंचाने वाली APK फाइलें, नौकरी और वीजा के नाम पर ठगी, पार्ट-टाइम नौकरी के फ्रॉड, OTP स्कैम, फर्जी लोन ऑफर, निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और सोशल मीडिया व मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर घूमने वाले फर्जी लिंक शामिल थे। विशेषज्ञों ने निजी और बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखने की अहमियत बताई और ऑनलाइन लेनदेन करते वक्त सावधान रहने को कहा।
पुणे के पार्वती साइबर सेल के साइबर पुलिस अधिकारी प्रसाद पोद्दार ने लोगों से 'थिंक बिफोर यू क्लिक' का उसूल अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनजान लिंक, कॉल और मैसेज का जवाब देने से पहले उनकी जांच कर लेनी चाहिए।
पोद्दार ने कहा, "साइबर फ्रॉड एक बढ़ती हुई सामाजिक समस्या है और डिजिटल प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वालों को सावधान रहना चाहिए। निजी जानकारी लापरवाही से शेयर करने का फायदा ठग उठा सकते हैं। 'गोल्डन आवर' बहुत अहम है। अगर पीड़ित पहले एक घंटे के भीतर 1930 पर कॉल करके ठगी की रिपोर्ट कर दें, तो गंवाए हुए पैसे वापस मिलने की 90 फीसदी संभावना रहती है। याद रखिए, पहले 60 मिनट बहुत जरूरी हैं।"
बजाज फाइनेंस के एक प्रवक्ता ने कहा कि ग्राहकों को वित्तीय ठगी से बचाना कंपनी की प्राथमिकता बना हुआ है। प्रवक्ता के मुताबिक, "डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया चैनलों पर नियमित एडवाइजरी और समुदाय के बीच पहुंच वाले कार्यक्रमों के जरिए हम साइबर खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों को सतर्क और साइबर सुरक्षित रहने में सक्षम बनाने की कोशिश करते हैं।"
बजाज फाइनेंस लिमिटेड ने पिछले वित्त वर्ष में देश के अलग-अलग हिस्सों में 100 से ज्यादा वर्कशॉप कीं। यह पहल भारतीय रिजर्व बैंक के NBFC के लिए फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट दिशानिर्देशों के मुताबिक है और इसका मकसद डिजिटल सुरक्षा को लेकर लोगों की जागरूकता मजबूत करना है।
कार्यक्रम में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, वॉट्सऐप ग्रुप और वित्तीय संस्थाओं व उनके कर्मचारियों का रूप धरकर ग्राहकों को धोखा देने वाली फर्जी वेबसाइटों से होने वाली ठगियों का भी जिक्र हुआ।
कार्यक्रम में यशवंतराव चव्हाण लॉ कॉलेज के प्राचार्य नितिन चालवाडी, रिटायर्ड ACP सर्जेराव बाबर, बजाज फाइनेंस लिमिटेड के युवराज मोरे, शिक्षक और छात्र मौजूद थे।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि OTP, पासवर्ड या बैंकिंग से जुड़ी जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। साइबर ठगी का शक होने पर फौरन राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। वक्त पर रिपोर्ट करने से अधिकारी ठगी के लेनदेन को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर सकते हैं और गंवाए पैसे वापस मिलने की संभावना बेहतर होती है।
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