कर्ज वसूली में किसानों को परेशान न करें, धाराशिव प्रशासन को पालकमंत्री सरनाईक के सख्त निर्देश
पालकमंत्री प्रताप सरनाईक ने धाराशिव प्रशासन से कहा है कि कर्ज वसूली के नाम पर संकट में फंसे किसानों को तंग न किया जाए।
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धाराशिव के पालकमंत्री प्रताप सरनाईक ने प्रशासन को साफ कहा है कि कर्ज वसूली के लिए किसानों को परेशान न किया जाए। सूखा, फसल का खराब होना, उपज का कम भाव और बढ़ती आर्थिक दिक्कतों की वजह से किसान पहले ही संकट में हैं। सरनाईक ने ये निर्देश जिलाधिकारी कीर्तिकिरण पुजार और जिला पुलिस अधीक्षक रितु खोकर को दिए हैं।
सरनाईक का कहना है कि फसल बीमा और दूसरे कर्जों को लेकर सरकार का फैसला आने तक किसानों पर बेवजह दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अफसर किसानों के घर जाकर उनसे बात करें, उन्हें समझाएं और हिम्मत दें। प्रशासन चौकस रहे, ताकि आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएं न हों।
इन निर्देशों की पृष्ठभूमि नांदेड जिले की एक घटना है। वहां बैंक के कर्ज की किस्तें बकाया होने पर अफसरों ने बार-बार तगादा लगाया था, और इसी के बाद एक किसान ने आत्महत्या कर ली। धाराशिव जिले में ऐसा कुछ दोबारा न हो, इसलिए पालकमंत्री ने प्रशासन को जरूरी हिदायतें दी हैं।
सरनाईक के मुताबिक सूखे के हालात में धाराशिव जिले के किसान आर्थिक संकट झेल रहे हैं। खेती का नुकसान हुआ है, उत्पादन का खर्च बढ़ा है और उपज को उम्मीद के मुताबिक भाव नहीं मिल रहा। इस वजह से कई किसानों पर आर्थिक बोझ है। ऐसे में कर्ज वसूली के लिए बार-बार तगादा लगाना, दबाव डालना या मानसिक तौर पर परेशान करना टालना चाहिए, यह बात पालकमंत्री ने रखी।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन किसानों ने कर्ज लिया है, उनके घर पटवारी और कृषि अधिकारी जाएं और उनसे बातचीत करें। उनकी दिक्कतें समझें, उन्हें समझाएं, हिम्मत बंधाएं और मौजूद सरकारी योजनाओं की जानकारी दें। सरनाईक ने कहा कि किसानों की मानसिक सुरक्षा को अहमियत देते हुए प्रशासन संवेदनशीलता से काम करे।
निजी साहूकारों को लेकर भी पालकमंत्री ने सख्ती दिखाई। अगर शिकायत मिले कि वसूली के लिए कोई निजी साहूकार किसानों को तंग कर रहा है, तो उसके खिलाफ फौरन कड़ी कार्रवाई हो, ऐसे निर्देश उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक को दिए। पुलिस इस बात का ध्यान रखे कि आर्थिक तंगी में फंसे किसानों पर दबाव डालकर उनका शोषण न हो।
पालकमंत्री ने यह भी कहा कि फसल बीमा और दूसरे कर्जों पर सरकार का फैसला आने तक किसानों पर बेवजह दबाव न पड़े, इसके लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक संबंधित विभागों, बैंकों और वसूली करने वाली एजेंसियों को जरूरी सूचनाएं दें।
परभणी और नांदेड समेत कुछ और जिलों में कर्ज के बोझ से किसानों के आत्महत्या करने की घटनाएं हुई हैं। सरनाईक ने कहा कि धाराशिव में ऐसा न हो, इसके लिए प्रशासन रोकथाम के उपाय करे। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे ऐसी दुखद घटना हुई तो संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
पालकमंत्री ने कहा कि किसानों की जान और उनकी मानसिक सुरक्षा सबसे जरूरी है। आर्थिक तंगी की वजह से किसी भी किसान को आखिरी कदम उठाने की नौबत न आए, इसलिए उन्होंने प्रशासन से वक्त रहते दखल देकर किसानों को राहत पहुंचाने की अपील की।
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