वाकड की सिग्नेचर पार्क सोसायटी में 18वीं मंजिल से गिरकर मां और छह साल के बेटे की मौत
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
वाकड पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में महिला बच्चे के साथ लिफ्ट से 18वीं मंजिल पर जाती दिखी, गैलरी के पास दोनों की चप्पलें मिलीं। पुलिस जांच जारी है।
पिंपरी-चिंचवड के वाकड इलाके में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की शाम एक रिहायशी सोसायटी से बहुत दुख देने वाली खबर आई। डांगे चौक के पास सिग्नेचर पार्क सोसायटी की 18वीं मंजिल से नीचे गिरने से 33 साल की एक महिला और उनके छह साल के बेटे की मौत हो गई। हादसा शाम करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच हुआ। पूरे इलाके में इसके बाद सन्नाटा और सदमा है।
महिला की पहचान एकता मनोज भांगड के नाम से हुई है। कुछ जानकारियों में उनका सरनेम भंगाड लिखा गया है। बेटे का नाम माधव बताया गया है। पुलिस के मुताबिक परिवार में तीन ही लोग थे: एकता, उनके पति मनोज और बेटा। परिवार मूल रूप से राजस्थान का है। एक जानकारी में कहा गया कि वे दो साल से इसी सोसायटी में रह रहे थे, जबकि दूसरी में कई साल से रहने की बात है। बच्चे की उम्र ज्यादातर जगह छह साल बताई गई है, पर एक जगह सात साल भी लिखा है। मौके पर पहुंची पुलिस को भी बच्चा छह-सात साल का लगा था।
पुलिस को शाम साढ़े छह बजे के आसपास खबर मिली कि सोसायटी की एक बिल्डिंग के पास दो बॉडी पड़ी हैं। बिल्डिंग के अंदर वाले डक्ट से जोर की आवाज आई थी। उसे सुनकर रहने वाले लोग भागकर नीचे पहुंचे, तो मां और बेटा खून से लथपथ बेसुध पड़े थे। लोगों ने तुरंत वाकड पुलिस को फोन किया। पुलिस फौरन पहुंची और फॉरेंसिक वैन भी बुला ली। फॉरेंसिक टीम के साथ मिलकर पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा किया।
सोसायटी के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस ने देखी। उसमें एकता बेटे को साथ लेकर लिफ्ट से 18वीं मंजिल पर जाती दिख रही हैं। उसी मंजिल पर गैलरी के पास दोनों की चप्पलें मिलीं। इन सबसे पुलिस को शुरुआती तौर पर यही लगा कि एकता ने बेटे को साथ लेकर खुद छलांग लगाई।
वाकड पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विठ्ठल सालुंखे ने बताया कि पुलिस उन हालात की पड़ताल कर रही है जिनमें यह सब हुआ। उनके मुताबिक मौत की सही वजह पर अभी कुछ पक्का नहीं कहा जा सकता और जांच जारी है।
घटनास्थल से तीन पन्नों का एक सुसाइड नोट भी मिला है। बताया जा रहा है कि उसमें एकता ने अपनी बीमारी का जिक्र किया है और बेटे के भविष्य की फिक्र जताई है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने लिखा कि वे बीमारी से तंग आ चुकी हैं और बेटा उन्हें याद करके तकलीफ पाएगा, इसलिए उसे साथ ले जा रही हैं। पुलिस नोट की बातों के साथ दूसरे पहलुओं को भी देख रही है। हालांकि इस कदम के पीछे की असली वजह अभी साफ नहीं है।
पति मनोज भांगड येरवडा के आईटी पार्क में एक कंपनी में नौकरी करते हैं। शुक्रवार सुबह करीब दस बजे वे रोज की तरह काम पर निकले थे। तब घर में एकता और बेटा थे। पुलिस का कहना है कि अभी इतनी ही शुरुआती जानकारी है। आगे पूछताछ होगी और कुछ नया सामने आया तो बताया जाएगा।
इसी बीच चंद्रपुर जिले से भी बुरी खबर है। वहां एक ही दिन में बाघ ने तीन लोगों पर हमला किया। दो की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल है। पिछले एक हफ्ते में जिले में बाघ के हमलों में तीन लोगों की जान जा चुकी है।
चिमूर तालुका के गरडापार में बाघ के हमले में 55 साल के सदाशिव खडसंग मारे गए। सिंदेवाही तालुका के धुमनखेडा में 70 साल के किसान पत्रुजी मेश्राम खेत में काम कर रहे थे, तभी बाघ ने उन पर हमला किया और उनकी भी जान चली गई। पोंभुर्णा तालुका के सातारा तुकूम में 60 साल के राजेश्वर सिडाम गायें चराने जंगल गए थे। बाघ के हमले में वे गंभीर रूप से घायल हुए और चंद्रपुर के जिला सामान्य अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। किसानों और आम लोगों में डर है और बाघ को जल्द पकड़ने की मांग तेज हो रही है।
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