पुणे जहरीली शराब मामला: सीआईडी ने नौ आरोपियों के खिलाफ मकोका में चार्जशीट दाखिल की
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हडपसर और दापोड़ी में मिथेनॉल मिली शराब से 22 लोगों की मौत के मामले में महाराष्ट्र सीआईडी ने गिरफ्तार नौ आरोपियों पर मकोका की विशेष अदालत में चार्जशीट पेश की है। एक आरोपी फरार है।
पुणे, 31 अक्टूबर 2026: हडपसर और दापोड़ी में मिथेनॉल मिली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में महाराष्ट्र क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने बुधवार को गिरफ्तार किए गए नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत बनी विशेष अदालत में पेश की गई।
सीआईडी का कहना है कि एक आरोपी अब भी फरार है। उसे ढूंढने के लिए एक खास टीम बनाई गई है और तलाश जारी है।
सीआईडी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुनील रामानंद ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी नौ आरोपियों और फरार संदिग्ध, सब पर मकोका की धाराएं लगाई गई हैं। फरार आरोपी की तलाश अभी चल रही है।
जांच में सामने आया है कि यह गैरकानूनी शराब उरुली कांचन के राधेश्याम प्रजापति से ली गई थी। आरोप है कि योगेश रामचंद्र वाणकडे उर्फ सिकंदर राठौड़ ने इस शराब में मिथेनॉल मिलाया। इसके बाद मिलावटी शराब हडपसर और दापोड़ी के स्थानीय विक्रेताओं के जरिए बेची गई।
जांच में यह भी पता चला कि मिथेनॉल एक बिचौलिए के जरिए भिवंडी में एक कंपनी के गोदाम से पहुंचाया गया था। इसी सुराग पर सीआईडी ने भिवंडी के उस गोदाम पर और नवी मुंबई में कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा। कंपनी के मालिक अरुण चौबे (59) और उनके बेटे अभिषेक (34) को गिरफ्तार किया गया। मिथेनॉल की सप्लाई की कड़ी में कथित तौर पर शामिल कुछ और लोग भी गिरफ्तार हुए हैं।
यह घटना 26 से 28 मई के बीच की है, जब हडपसर और दापोड़ी में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की जान गई। शुरुआत में हडपसर और दापोड़ी पुलिस स्टेशन में अलग-अलग केस दर्ज हुए थे। बाद में राज्य सरकार ने जांच सीआईडी को सौंप दी।
सीआईडी ने इस मामले में अगस्त 2026 में मकोका की धाराएं लगाई थीं। जांच के मुताबिक, शराब के अवैध उत्पादन, ढुलाई और बिक्री में लगे गिरोह का सरगना कथित तौर पर दत्ता उर्फ भाऊ लोंढे है। रामानंद ने बताया कि लोंढे को सीआईडी गिरफ्तार कर चुकी है।
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