पीएसीएल घोटाले में ईडी ने पुणे, मुंबई और रायगड़ की 48 संपत्तियां कीं अटैच, कीमत 567.45 करोड़
ईडी ने पीएसीएल मामले में पुणे, मुंबई और रायगड़ की 48 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं, जिनकी कीमत 567.45 करोड़ रुपये बताई गई है।
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने पीएसीएल से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। पुणे, मुंबई और रायगड़ में कुल 48 अचल संपत्तियां अस्थायी तौर पर अटैच की गई हैं। इन संपत्तियों की कीमत 567.45 करोड़ रुपये बताई गई है। पुणे से 22 अक्टूबर 2026 को मिली जानकारी के मुताबिक ये संपत्तियां कथित तौर पर प्रतीक कुमार, उनके बेटे अंश प्रतीक कुमार और उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम पर हैं।
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए, 2002 के तहत की गई है। देशभर के निवेशकों से जमा किए गए पैसों के कथित हेरफेर की जांच चल रही है, यह कार्रवाई उसी का हिस्सा है।
जांच के मुताबिक पीएसीएल और उससे जुड़ी इकाइयों ने खेती की जमीन की बिक्री और डेवलपमेंट से जुड़ी निवेश योजनाएं चलाईं। इनके जरिए कथित तौर पर लाखों निवेशकों से 48,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जमा की गई। निवेशकों को एकमुश्त पैसे देने या किस्तों में भरने का विकल्प दिया गया था। लेकिन आरोप है कि कई निवेशकों को वादे के मुताबिक जमीन मिली ही नहीं और बड़ी रकम अटकी रह गई।
ईडी ने यह जांच दिल्ली में सीबीआई के दर्ज किए गए केस के आधार पर शुरू की थी। उस केस में आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप हैं और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 420 लगाई गई हैं। सीबीआई इन कथित अवैध निवेश योजनाओं के सिलसिले में 33 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
ईडी के निष्कर्षों के मुताबिक जो संपत्तियां अब अटैच हुई हैं, वे पीएसीएल से कथित तौर पर निकाले गए उस पैसे से खरीदी गई थीं, जो मूल रूप से निवेशकों से लिया गया था। एजेंसी ने इन संपत्तियों को कथित अपराध की कमाई माना है।
ईडी की जांच 2016 से चल रही है। उसी साल कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईसीआईआर दर्ज की गई थी। 2018 में अभियोजन शिकायत दाखिल हुई। इसके बाद 2022, 2025 और 2026 में लोगों और संस्थाओं के खिलाफ छह सप्लीमेंट्री अभियोजन शिकायतें दाखिल की गईं।
प्रतीक कुमार को 20 अगस्त 2022 को दाखिल पहली सप्लीमेंट्री अभियोजन शिकायत में आरोपी नंबर 13 बनाया गया था। विशेष अदालत ने 19 सितंबर 2022 को मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद 9 अप्रैल 2025 को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ।
ताजा कार्रवाई के बाद पीएसीएल मामले में ईडी की अटैच की हुई देश-विदेश की चल और अचल संपत्तियों की कुल कीमत करीब 30,235.21 करोड़ रुपये पहुंच गई है। यह एजेंसी के बताए आंकड़ों के मुताबिक है। जांच अभी जारी है और अधिकारी निवेशकों के पैसों के कथित हेरफेर और उससे खरीदी गई संपत्तियों की पड़ताल कर रहे हैं।
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