KEDGE के जरिए विजयभूमि यूनिवर्सिटी में पढ़ाई, फ्रांस जाने का भी रास्ता
फ्रांस का KEDGE बिजनेस स्कूल मुंबई कैंपस के जरिए भारतीय छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मैनेजमेंट पढ़ाई का मौका दे रहा है।
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मुंबई, 27 अक्टूबर 2026: फ्रांस का KEDGE बिजनेस स्कूल अब भारतीय छात्रों को विजयभूमि यूनिवर्सिटी में अपने मुंबई कैंपस के जरिए अंतरराष्ट्रीय मैनेजमेंट की पढ़ाई का रास्ता दे रहा है। छात्र भारत में पढ़ते हुए फ्रांस में भी पढ़ाई का अनुभव ले सकते हैं।
विजयभूमि यूनिवर्सिटी में KEDGE के डायरेक्टर (इंडिया) डॉ. नवनीत शर्मा के मुताबिक संस्थान के भारत में आने की वजह सिर्फ छात्रों की मांग नहीं है। भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते कारोबारी रिश्ते भी इसकी बड़ी वजह हैं। शर्मा ने बताया कि भारत में 1,000 से ज्यादा फ्रांसीसी कारोबारी संस्थान काम करते हैं, जबकि फ्रांस में 150 से ज्यादा भारतीय कंपनियां हैं। इन कंपनियों को ऐसे लोग चाहिए जो दोनों देशों के बाजार, कारोबारी संस्कृति और काम करने के तरीके समझते हों।
शर्मा ने कहा कि KEDGE के डायरेक्टर जनरल Alexandre de Navailles ने फरवरी 2026 में भारत दौरे पर कहा था कि फ्रांसीसी कारोबारी संस्कृति की जानकारी और ट्रेनिंग से ग्रेजुएट्स को फायदा मिल सकता है। संस्थान का मकसद अपनी अंतरराष्ट्रीय मैनेजमेंट पढ़ाई को भारतीय छात्रों के करीब लाना है, और जो आगे फ्रांस में पढ़ना चाहें उनके लिए रास्ते भी खुले रखना है।
KEDGE का ग्लोबल बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (ग्लोबल BBA) विजयभूमि यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी में चलता है। इसमें छात्र तीन साल का कोर्स भारत में ही पूरा करते हैं, और पाठ्यक्रम KEDGE के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक तरीके पर बना है। सालाना ट्यूशन फीस 6 लाख रुपये है, यानी तीन साल की कुल ट्यूशन 18 लाख रुपये बैठती है। शर्मा के अनुसार हॉस्टल और खाने का खर्च तीन साल के लिए करीब 4.5 लाख रुपये आंका गया है।
छात्र चाहें तो फ्रांस में कुछ समय की छोटी अकादमिक पढ़ाई भी चुन सकते हैं। इससे उन्हें यूरोपीय संस्कृति और कारोबार के तौर-तरीकों की झलक मिलती है, और पूरा अंडरग्रेजुएट कोर्स विदेश में नहीं करना पड़ता। शर्मा ने कहा कि भारत वाले रास्ते से छात्र अपनी पढ़ाई और करियर की नींव यहीं मजबूत कर सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय विकल्प भी बचे रहते हैं।
तुलना के लिए, KEDGE के दिए आंकड़ों के मुताबिक फ्रांस में पढ़ाई का सालाना ट्यूशन 15,000 यूरो और रहने का अनुमानित खर्च 21,600 यूरो है। छात्रों और परिवारों को पढ़ाई की अवधि, रहने और बाकी खर्चों को जोड़कर कुल लागत की तुलना करनी होगी।
जो छात्र यूरोप में ज्यादा लंबा अनुभव चाहते हैं, उनके लिए 3+1+1 का रास्ता है। इसमें तीन साल की अंडरग्रेजुएट पढ़ाई भारत में होती है, फिर मास्टर्स का पहला साल भारत में और दूसरा साल फ्रांस में। शर्मा ने बताया कि आखिर में कौन सी डिग्री मिलेगी, यह चुने गए प्रोग्राम के मंजूर ढांचे पर निर्भर करता है।
फ्रांस में योग्य मास्टर्स डिग्री पूरी करने वाले छात्र पढ़ाई के बाद नौकरी ढूंढने या कारोबार शुरू करने के लिए रेजिडेंस परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे योग्यता और इमिग्रेशन की शर्तें पूरी करें। लेकिन ऐसे प्रावधान सिर्फ नौकरी तलाशने या कारोबार जमाने का मौका देते हैं, नौकरी की गारंटी नहीं देते।
KEDGE मुंबई में सप्लाई चेन मैनेजमेंट और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के मास्टर्स प्रोग्राम भी हैं। संस्थान के मुताबिक दोनों प्रोग्राम 2025 की वर्ल्ड रैंकिंग में अपनी-अपनी श्रेणी में दूसरे नंबर पर रहे। शर्मा ने कहा कि रैंकिंग प्रोग्राम की साख दिखाती है, लेकिन इसे नौकरी या तरक्की की गारंटी न समझा जाए। उनके अनुसार करियर का नतीजा छात्रों के हुनर, इंटर्नशिप, पढ़ाई में प्रदर्शन और उनके चुने मौकों पर निर्भर करता है।
यह कैंपस कर्जत में विजयभूमि यूनिवर्सिटी के अंदर है। यहां बिजनेस के छात्रों को टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, डिजाइन, कानून और दूसरे विषयों के साथियों से मिलने-जुलने का मौका मिलता है। शर्मा के मुताबिक यह मिला-जुला माहौल छात्रों को अलग-अलग क्षेत्रों में साथ काम करने के लिए प्रेरित कर सकता है, जैसे असल कारोबार चलता है। मिसाल के तौर पर सप्लाई चेन के छात्र टेक्नोलॉजी और एनालिटिक्स से रूबरू हो सकते हैं, और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के छात्र डिजाइन, मीडिया और टेक्नोलॉजी वालों से बातचीत कर सकते हैं। उद्यमिता में रुचि रखने वाले छात्र भी अलग-अलग विषयों में अपने आइडिया परख सकते हैं। शर्मा ने कहा कि रिहायशी कैंपस यूनिवर्सिटी जैसा माहौल देता है और मुंबई के आर्थिक इलाके से जुड़ा भी रहता है।
रोजगार के लिए KEDGE मुंबई का जोर इंडस्ट्री से मेलजोल, लाइव प्रोजेक्ट और कोर्स के दौरान इंटर्नशिप पर है, ग्रेजुएशन तक इंतजार करने पर नहीं। शर्मा ने बताया कि संस्थान विजयभूमि यूनिवर्सिटी के भारतीय उद्योग से रिश्तों को KEDGE के अंतरराष्ट्रीय एलुमनाई नेटवर्क और कॉर्पोरेट साझेदारों से जोड़ना चाहता है। KEDGE के मुताबिक उसके दुनिया भर में 90,000 एलुमनाई और 300 कॉर्पोरेट पार्टनर हैं। इन नेटवर्क से छात्रों को भारत और विदेश में पेशेवर संपर्क बनाने में मदद मिल सकती है, हालांकि इंटर्नशिप और प्लेसमेंट की गारंटी नहीं है।
शर्मा के अनुसार KEDGE मुंबई उन छात्रों को पसंद आ सकता है जो अंतरराष्ट्रीय बिजनेस पढ़ाई चाहते हैं पर शुरुआत भारत से करना चाहते हैं। इस मॉडल में परिवार पढ़ाई का शुरुआती खर्च भारत में संभाल सकते हैं, और फ्रांस में छोटी पढ़ाई या पोस्टग्रेजुएट रास्ते का विकल्प भी रहता है। आम भारतीय बिजनेस डिग्री के मुकाबले इसमें अंतरराष्ट्रीय ढांचा और विदेश में पढ़ने के मौके मिलते हैं, जबकि पूरी डिग्री विदेश में करने के मुकाबले पढ़ाई का बड़ा हिस्सा भारत में होता है।
शर्मा ने कहा कि फैसला छात्रों के पढ़ाई के लक्ष्य, आर्थिक हालात और विदेश में पढ़ने की दिलचस्पी पर टिका होना चाहिए। छात्रों और परिवारों को प्रोग्राम का मंजूर डिग्री ढांचा, कुल ट्यूशन और रहने का खर्च, विदेश के रास्तों की पात्रता और इंटर्नशिप व नौकरी के असल मौके जरूर देखने चाहिए।
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