COEP में 15 साल बाद भर्ती का रास्ता खुला, 2026 तक भरे जाएंगे 109 पद
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सुप्रीम कोर्ट की इजाज़त के बाद COEP टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी खाली पड़े 109 शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी में है।
पुणे: COEP टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी करीब 15 साल से रुकी हुई भर्ती को फिर शुरू करने जा रही है। यूनिवर्सिटी की योजना है कि 2026 के आखिर तक शिक्षकों के 109 खाली पद भर दिए जाएं। यह मुमकिन इसलिए हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट ने खाली पदों पर भर्ती की इजाज़त दे दी है, बशर्ते जिन पदों पर कानूनी विवाद चल रहा है, उन्हें छेड़ा न जाए।
कुलगुरु सुनील भिरूड ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में यह योजना बताई। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में सरकार से मंज़ूर शिक्षकों के 221 पद हैं और इनमें से करीब 109 पद 2012 से खाली पड़े हैं।
भिरूड ने कहा, "हमें उम्मीद है कि 2026 के आखिर तक हम 109 शिक्षकों की भर्ती पूरी कर लेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने खाली पदों पर भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है, इसलिए अब हम कानूनी विवाद वाले पदों को छुए बिना प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं।"
इस अटकी हुई भर्ती की जड़ 2007 से 2011 के बीच के सालों में है। उस वक्त COEP एक स्वायत्त कॉलेज था और उसने 54 शिक्षकों की भर्ती की थी। इन नियुक्तियों को अदालत में चुनौती दी गई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने संबंधित शिक्षकों को हटाने का आदेश दिया। इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जिसने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। इसी वजह से नियमित भर्ती एक तरह से रुक गई।
स्थायी भर्ती न हो पाने के कारण यूनिवर्सिटी को पढ़ाई का काम चलाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए शिक्षकों पर निर्भर रहना पड़ा। यह मामला राज्य सरकार के उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में उठाया। अब कोर्ट ने बाकी खाली मंज़ूर पदों पर भर्ती की इजाज़त दी है, इस शर्त पर कि विवाद वाले 54 पद जैसे हैं वैसे ही रहेंगे।
COEP अपना आरक्षण रोस्टर पहले ही तैयार कर चुका है और भर्ती का प्रस्ताव तकनीकी शिक्षा संचालनालय (DTE) के पुणे क्षेत्रीय दफ्तर को भेज दिया है। भिरूड ने बताया कि असली भर्ती प्रक्रिया राज्य सरकार की आखिरी मंज़ूरी मिलने के बाद ही शुरू होगी।
उन्होंने कहा, "राज्य सरकार की आखिरी मंज़ूरी मिलते ही यूनिवर्सिटी असली भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी।"
यूनिवर्सिटी को उम्मीद है कि नई नियुक्तियों से कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए शिक्षकों पर उसकी निर्भरता घटेगी और स्थायी शिक्षकों का स्टाफ मज़बूत होगा।
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