भोर के केंजळ गांव की वैष्णवी बाठे अब चलाएंगी पुणे की पिंक मेट्रो
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
किसान गणेश बाठे की बेटी वैष्णवी इंजीनियरिंग के बाद मेट्रो ट्रेन पायलट बनी हैं। हिंजवडी से शिवाजीनगर की नई लाइन पर उन्हें ट्रेन चलाने का मौका मिला।
पुणे के IT हब को अब बेहतर कनेक्टिविटी मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो लिंक के जरिए पुणे मेट्रो की लाइन 3 का उद्घाटन किया। हिंजवडी से शिवाजीनगर तक की यह मेट्रो पुणेवासियों के लिए राहत लेकर आई है, और आज से यह उनकी सेवा में चालू हो गई है।
इसी के साथ एक ऐसी खबर भी आई है, जिससे पुणे का सिर ऊंचा हुआ है। भोर तालुका के केंजळ गांव की वैष्णवी गणेश बाठे अब मेट्रो की ड्राइवर बन गई हैं। उनके पिता गणेश बाठे किसान हैं। वैष्णवी को कल ही उद्घाटन हुई हिंजवडी रूट की पिंक मेट्रो चलाने का मौका मिला।
मुश्किल हालात में वैष्णवी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और यहां तक पहुंचीं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई चल ही रही थी कि उनकी प्लेसमेंट हो गई। इसके बाद आगे की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें मेट्रो में नौकरी का मौका मिला। उन्होंने छह महीने की खास ट्रेनिंग पूरी की। उनके साथ ट्रेनिंग लेने वाली कई लड़कियां भी आज मेट्रो ड्राइवर के तौर पर काम कर रही हैं।
वैष्णवी किओलिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में ट्रेन पायलट और मेट्रो ऑपरेटर हैं। पुणे मेट्रो के अलग-अलग ट्रायल और ट्रेन चलाने का काम उन्होंने संभाला है। उनकी इस कामयाबी से बाठे परिवार में सबको खुशी है। महिला सशक्तिकरण के नाम पर केंजळ गांव और आसपास के इलाके से उनकी तारीफ हो रही है। 'बेटीया किसीसे कम नहीं है', यह वैष्णवी ने आज करके दिखा दिया। उनकी वजह से परिवार के साथ पूरे केंजळ गांव का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।
पुणे मेट्रो की यह पिंक मेट्रो लाइन 3 माण-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक 23.2 किलोमीटर लंबी है। कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इसका लोकार्पण हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहला टिकट लिया और इस मेट्रो में सफर किया। इस लाइन पर कुल 23 स्टेशन हैं।
पिंक मेट्रो का संचालन महिला ट्रेन पायलट के हाथ में है। लीड ट्रेन पायलट प्रगती बिरादार हैं। यहां 90 महिला ड्राइवर हैं और कुल कर्मचारियों में 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। कल ही मुख्यमंत्री ने इसे पिंक मेट्रो बताया था। महाराष्ट्र के लिए यह गर्व की बात है।
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