सक्षम किसान लौटाएं सूखा राहत के 5,000 रुपये, मंत्री गिरीश महाजन की अपील
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आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि जिन किसानों को पैसों की जरूरत नहीं है, वे सूखा सहायता की 5,000 रुपये की रकम अपनी मर्जी से लौटा दें, ताकि जरूरतमंद किसानों की मदद हो सके।
महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने आर्थिक रूप से मजबूत किसानों से अपील की है कि सरकार से मिली 5,000 रुपये की सूखा सहायता वे अपनी मर्जी से वापस कर दें। उनका कहना है कि इस पैसे से उन किसानों को सहारा दिया जा सकेगा, जिन्हें इसकी सचमुच जरूरत है।
महाजन ने शनिवार को जलगांव जिले में पत्रकारों से कहा, "जिन्हें इस पैसे की जरूरत नहीं है, वे 5,000 रुपये स्वेच्छा से लौटा दें और इसे जरूरतमंद किसानों की मदद में अपना योगदान समझें। मेरी अपील हर उस व्यक्ति से है जो आर्थिक रूप से सक्षम है।"
भाजपा नेता महाजन ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र जामनेर (जलगांव जिला) के कई किसान और पार्टी कार्यकर्ता सहायता मिलने के बाद शनिवार सुबह उनके पास पहुंचे थे। इन लोगों ने रकम लौटाने की इच्छा जताई, क्योंकि उन्हें इस आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है। महाजन के मुताबिक करीब 50 किसान यह प्रस्ताव लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि ये किसान आर्थिक रूप से सक्षम हैं और उनकी आमदनी के दूसरे साधन भी हैं।
महाजन ने फसल के नुकसान से जूझ रहे किसानों की मदद के लिए आगे आने की अपील उन लोगों से भी की जो ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "मैं लोगों से अपील करूंगा कि ऐसे मुश्किल समय में अपने अन्नदाता किसान के साथ मजबूती से खड़े हों और मुख्यमंत्री राहत कोष के जरिए आर्थिक मदद दें।" मंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से योगदान के लिए वे खुद लोगों से संपर्क करेंगे।
सरकार ने दिवाली से पहले सूखा प्रभावित इलाकों के पात्र किसानों को 5,000 रुपये अग्रिम देने का एलान किया था। देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार ने 27 अक्टूबर को 304 सूखाग्रस्त तालुकों के किसानों के लिए कुल 7,500 करोड़ रुपये की सहायता को मंजूरी दी थी। जिन किसानों की फसल को 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है, वे इस सहायता के पात्र हैं। पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है।
राज्य के राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव पाटिल ने शुक्रवार को बताया कि 5 नवंबर तक 87,45,669 किसानों के बैंक खातों में 4,372.83 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं। बाकी पात्र लाभार्थियों को रकम भेजने का काम जारी है। कुछ भुगतान तकनीकी दिक्कतों और बैंक खाते के ब्योरे में गड़बड़ियों की वजह से अटके थे, जिन्हें सुलझाने में अधिकारी लगे हुए हैं।
यह राहत योजना खरीफ सीजन में फसलों को हुए नुकसान से निपटने की राज्य सरकार की कोशिश का हिस्सा है। इस नुकसान की मार महाराष्ट्र के कई हिस्सों के किसानों पर पड़ी है।


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