फडणवीस ने शुरू किया MahaINDUS AI प्लेटफॉर्म, कई सरकारी पोर्टलों पर नई सेवाएं भी
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में MahaINDUS नाम का सुरक्षित AI प्लेटफॉर्म और MahaDBT 2.0, Aaple Sarkar 2.0 व MAITRI पोर्टल की नई सेवाएं शुरू कीं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कई डिजिटल पहल शुरू कीं। इनमें MahaINDUS नाम का एक सुरक्षित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म शामिल है। इसके साथ ही MahaDBT 2.0, Aaple Sarkar 2.0 और MAITRI पोर्टल पर भी नई सेवाएं चालू की गईं। मकसद है सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ाना।
ये शुरुआत मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में हुई, जहां मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में MahaSarthi पोर्टल की समीक्षा बैठक चल रही थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि AI, एकीकृत डेटाबेस और डिजिटल सिस्टम की मदद से सरकार पात्र लाभार्थियों की पहचान कर सकेगी, दावों की जांच कर सकेगी, कल्याणकारी योजनाओं का असर परख सकेगी और जनता को मिलने वाली सेवाएं बेहतर कर सकेगी।
फडणवीस के मुताबिक MahaID से नागरिकों की जानकारी एक जगह जुड़ेगी और सरकारी विभागों की कार्यक्षमता व जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि सिस्टम की सॉफ्ट लॉन्चिंग के बाद से एक करोड़ से ज्यादा ID बन चुके हैं। सभी विभागों में बैकएंड इंटीग्रेशन पूरा होने के बाद इस प्लेटफॉर्म को बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा।
एकीकृत डिजिटल सिस्टम से अधिकारियों को सरकारी आदेशों (GR) में खोज करने, पत्राचार संभालने और रोज़ का प्रशासनिक काम आसान करने में भी मदद मिलेगी। फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है जो इस तरह सॉवरेन AI का इस्तेमाल कर रहा है।
MahaINDUS को Sarvam AI के साथ मिलकर तैयार किया गया है। यह मराठी समेत 22 भारतीय भाषाओं में ड्राफ्टिंग, अनुवाद, सारांश और डेटा विश्लेषण में मदद के लिए बनाया गया है। सरकार के मुताबिक ऐसे इंतज़ाम किए गए हैं कि सरकारी डेटा देश से बाहर न जाए और AI मॉडल को ट्रेन करने में भी इस्तेमाल न हो।
प्लेटफॉर्म में तीन खास फीचर हैं: सरकारी आदेश खोजने और उनमें हुए बदलाव देखने के लिए 'GR Expert', ईमेल पत्राचार का सार बनाने के लिए 'Email Summariser', और टेंडरों की तुलना व मूल्यांकन के लिए 'RFP Bid Evaluator'।
MahaSarthi के बारे में फडणवीस ने कहा कि यह पहल पूरी होने के करीब है। उन्होंने विभागों को निर्देश दिया कि बाकी हिस्से जल्द से जल्द पूरे करें। उनके मुताबिक एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) के जरिए विभागों के डेटाबेस जोड़ने से डेटा नियमित अपडेट होगा और योजनाओं का अमल, निधि का इस्तेमाल और लाभार्थियों की जांच बेहतर होगी। उम्मीद है कि इस सिस्टम से विभाग व्यक्तिगत लाभ वाली योजनाओं के पात्र और अपात्र लोगों को पहचान सकेंगे और देख सकेंगे कि सरकारी कार्यक्रम अपना मकसद पूरा कर रहे हैं या नहीं।
फडणवीस ने जोर देकर कहा कि सिर्फ डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू कर देना काफी नहीं है। विभागों को उन्हें सक्रिय रूप से इस्तेमाल करना होगा और ज्यादा लोगों को इससे जोड़ना होगा। उनके मुताबिक इस्तेमाल बढ़ने से अधिकारियों को तकनीकी खामियां और कामकाज की दिक्कतें समय रहते पता चलेंगी और उन्हें दूर किया जा सकेगा। उन्होंने विभागों से समय-सीमा का पालन करने और अगले चरणों की योजना बनाने को भी कहा।
MahaDBT 2.0 के तहत सरकार ने 36 नई योजनाएं शुरू कीं। इनमें मत्स्य विभाग की 24, श्रम विभाग की 10 और महिला एवं बाल विकास विभाग की दो योजनाएं हैं। Aaple Sarkar 2.0 पर विभिन्न विभागों की 71 सेवाएं जोड़ी गई हैं, जिनमें 61 परिवहन विभाग की हैं। MAITRI पोर्टल पर वैधमापन (Legal Metrology) विभाग की 13 नई सेवाएं शुरू हुई हैं।
बैठक में मत्स्य मंत्री नितेश राणे, राज्य लोकसेवा हक्क आयोग के मुख्य आयुक्त मनु कुमार श्रीवास्तव, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, वरिष्ठ अधिकारी, संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर मौजूद थे।
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