पनवेल महानगरपालिका के फायर ब्रिगेड में दो फायर बाइक शामिल, तंग गलियों में पहुंचना होगा आसान
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महाराष्ट्र फायर सर्विसेज निदेशालय की दी हुई दो खास बाइक अब पनवेल महानगरपालिका (PMC) के फायर ब्रिगेड बेड़े का हिस्सा हैं।
आग लगने पर तंग गलियों, भीड़ भरे बाजारों और मुश्किल से पहुंचने वाले इलाकों तक जाना अब पनवेल महानगरपालिका (PMC) के लिए आसान हो सकता है। वजह यह है कि उसके फायर ब्रिगेड के बेड़े में दो खास तौर पर तैयार की गई फायर बाइक जुड़ गई हैं।
ये दोनों बाइक महाराष्ट्र फायर सर्विसेज निदेशालय ने दी हैं। मकसद महानगरपालिका की इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्यवस्था को मजबूत करना है, खासकर उन जगहों के लिए जहां जगह की तंगी की वजह से बड़ी फायर गाड़ियों को पहुंचने में अक्सर दिक्कत होती है।
ये बाइक रॉयल एनफील्ड बुलेट पर बनी हैं और इनमें खास बदलाव किए गए हैं। हर बाइक में करीब 24 लीटर पानी की टंकी है। इसके अलावा हाई-प्रेशर पंप, फायर एक्सटिंग्विशर, सायरन, फ्लैशर, लाउडस्पीकर और वायरलेस कम्युनिकेशन की सुविधा भी लगी है।
इन सब इंतजामों से फायर कर्मचारी घटना वाली जगह पर जल्दी पहुंच पाएंगे और बड़ी फायर गाड़ियां आने से पहले ही आग बुझाने का काम शुरू कर सकेंगे।
पनवेल महानगरपालिका के आयुक्त मंगेश चितले ने कहा, "ये खास तौर पर तैयार की गई फायर बाइक हमें ऐसी जगहों तक पहुंचाने में मदद करेंगी, जहां आम फायर गाड़ियों का पहुंचना मुश्किल होता है। ये आग पर फौरन काबू पाने में काम आएंगी और हमारी इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्यवस्था को मजबूत करेंगी।"
चितले के मुताबिक ये बाइक भीड़ वाले बाजारों, संकरी सड़कों और मुश्किल जमीन वाले इलाकों में खास तौर पर काम आएंगी और रिस्पॉन्स टाइम बेहतर होगा। छोटी आग को शुरू में ही संभालने में ये मदद करेंगी और जब तक आग बुझाने का बाकी सामान मौके पर नहीं पहुंचता, तब तक आग को फैलने से रोकेंगी।
शहर के लोगों ने भी इस कदम पर अपनी बात रखी। चंद्रशेखर भट ने कहा, "भीड़ वाले इलाकों और शहर के पुराने हिस्सों में आग की जगह पर जल्दी पहुंचना मुश्किल हो सकता है। ये बाइक शुरुआती दौर में आग पर काबू पाने और बड़े नुकसान को रोकने में काम की साबित हो सकती हैं।"
दिनेश शेट्टी ने कहा, "आग की इमरजेंसी में फौरन कार्रवाई बहुत जरूरी होती है। छोटी फायर गाड़ियां, जो संकरी गलियों से निकल सकें, रहने वालों के लिए फायदेमंद होंगी। लेकिन इनकी नियमित मेंटेनेंस और कर्मचारियों की ठीक से ट्रेनिंग भी उतनी ही जरूरी होगी।"
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