मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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मुंबई के लोगों की शिकायतें: कचरा, फुटपाथ और ट्रैफिक पर अधिकारियों से कार्रवाई की मांग

मुंबई के लोगों की शिकायतें: कचरा, फुटपाथ और ट्रैफिक पर अधिकारियों से कार्रवाई की मांग तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 शहर डेस्क

मुंबई और कल्याण के लोगों ने कचरे, फुटपाथ, ट्रैफिक सिग्नल और बेस्ट सेवा को लेकर शिकायतें भेजीं। कुछ विभागों ने जवाब दिए, बाकी पर अब तक चुप्पी है।

मुंबई और कल्याण के कई लोगों ने अपने इलाकों की दिक्कतें भेजी हैं। इनमें फुटपाथ की कमी, सड़कों पर जमा कचरा, ट्रैफिक की अफरातफरी और बंद पड़े सिग्नल शामिल हैं। साथ ही पिछले सोमवार भेजी गई शिकायतों पर कुछ विभागों के जवाब भी आए हैं।

75 साल के दीपक देसाई पश्चिम रेलवे के माटुंगा रोड के पास पैदा हुए और वहीं पले-बढ़े हैं। उनका कहना है कि टी एच कटारिया फ्लाईओवर के नीचे वाली गली में फुटपाथ नहीं है और वह जगह कचरा फेंकने का अड्डा बन गई है। उन्होंने मांग की है कि अधिकारी जल्द से जल्द वहां सफाई कराएं और फुटपाथ बनवाएं।

चर्चगेट स्टेशन के हालात पर अंशुल वोरा ने लिखा है कि वहां ज्यादातर वक्त अफरातफरी रहती है और लगता है किसी को परवाह नहीं। उनके मुताबिक ट्रैफिक का कोई नियम चलता नहीं दिखता, स्टेशन के पास बड़ी सड़कों और चौराहों पर लोग पैदल चलते हैं और मोटरसाइकिलें उलटी दिशा में दौड़ती हैं। उनका आरोप है कि पुलिस बस तमाशबीन बनी रहती है। महर्षि कर्वे रोड का जंक्शन हमेशा जाम रहता है और स्टेशन के पास सड़क पर टैक्सियां गलत तरीके से खड़ी रहती हैं। पैदल चलने वाले बेखौफ मुख्य सड़क पर चलते हैं, इसलिए गाड़ियों के लिए बस एक लेन बचती है। वोरा इसे सुरक्षा के लिए खतरा बताते हैं और कहते हैं कि इस पर ध्यान देना चाहिए।

जोगेश्वरी वेस्ट के मोमिन नगर से इकबाल गिलानी मंसूरी ने शिकायत की है कि वहां ठोस कचरा और मलबा बड़ी मात्रा में जमा है। उनके मुताबिक इससे सेहत और पर्यावरण को बड़ा खतरा है, खासकर वहां रहने वाले बच्चों के लिए। उन्होंने BMC से अपील की है कि वह सफाई के लिए तुरंत कर्मचारी भेजे और कचरे के निपटारे का टिकाऊ इंतजाम करे। इसके लिए तय जगहों पर कचरे के डिब्बे रखे जाएं और कचरा उठाने का नियमित समय लागू किया जाए। उनका यह भी कहना है कि अवैध डंपिंग रोकने के लिए लोगों के बीच मिलकर जागरूकता अभियान चले और कचरा फैलाने वालों पर सख्त जुर्माना लगे।

कैजेटन पीटर डिसूज़ा चाहते हैं कि BEST सीएसएमटी से माहुल विलेज और मुलुंड डिपो तक बीपीटी रोड के रास्ते बस सेवा शुरू करे। उनके मुताबिक इससे कामगारों, महिलाओं और विद्यार्थियों को फायदा होगा, जो अभी दो या उससे ज्यादा साधन बदलकर सफर करते हैं।

कल्याण के पीयूष गुडका ने तीन बड़े चौराहों पर ट्रैफिक की बदहाली की शिकायत की है। ये हैं दुर्गाडी फोर्ट सर्कल, सुचक नाका सर्कल और चक्कीनाका सर्कल। उनका कहना है कि ट्रैफिक पुलिस हाथ से हालात संभालने की पूरी कोशिश करती है, लेकिन रोज के जाम की असली वजह लोगों में नागरिक समझ की कमी है। दुर्गाडी फोर्ट सर्कल पर फिलहाल कोई सिग्नल लगा ही नहीं है और वाहन चालक जहां जगह मिले वहां से गाड़ी निकाल देते हैं, जिससे रोज जाम लगता है और छोटे-मोटे हादसे होते हैं। कल्याण ईस्ट के सुचक नाका सर्कल पर सिग्नल लगा तो है, पर बिलकुल बंद पड़ा है, इसलिए चालक गोल चक्कर के नियम नहीं मानते और मुड़ने के बजाय शॉर्टकट के लिए सीधे चौराहा काट देते हैं। चक्कीनाका सर्कल का सिग्नल भी बंद है, इसलिए वाहन बिना किसी निगरानी के एक-दूसरे की दिशा में घुस जाते हैं। गुडका के मुताबिक ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की कोशिश काफी नहीं है और नियम पालन करवाने का एकमात्र तरीका स्वचालित सिग्नल है।

पिछले सोमवार भेजी गई शिकायतों पर कुछ संबंधित विभागों ने जवाब दिया है। बाकी विभागों का पीछा नहीं छोड़ा गया है और शहर के हालात पर अधिकारियों से जवाबदेही मांगने का सिलसिला जारी रहेगा।

गौतम लंकड की अवैध बैनर वाली शिकायत पर BMC के एक अधिकारी ने कहा, "बैनर पर QR कोड देखकर नागरिक जांच सकते हैं कि वह वैध है या नहीं। अवैध बैनरों पर अधिकारी पहले से कार्रवाई कर रहे हैं। नागरिक ऐसे मामले बताना चाहें तो 1916 पर फोन कर सकते हैं।"

रवि डी बालिगा की लाउडस्पीकर की शिकायत पर MPCB के एक अधिकारी ने कहा, "बिना नियम के शोर प्रदूषण पर कार्रवाई का जरूरी अधिकार मुंबई पुलिस के पास है। दिशानिर्देशों के मुताबिक रिहायशी इलाकों में शोर की सीमा सुबह 6 से रात 10 बजे तक 55 डेसिबल और रात 10 से सुबह 6 बजे तक 45 डेसिबल रहनी चाहिए।"

जॉन दांतिस ने बाइक सवारों के शोर की शिकायत की थी। इस पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमें इस दिक्कत की जानकारी है। 150 से ज्यादा बाइक सवारों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई हैं और मसला सुलझाने के लिए रोज निगरानी की जा रही है।"

कीथ स्टीफन टौरो ने ऑटो के इनकार की शिकायत की थी। पश्चिमी उपनगरों के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) अजित बोरहाडे ने कहा, "अगर पूरी जानकारी के साथ सही शिकायत मिले, तो मंजूर रिक्शा स्टैंड पर खड़े होकर सवारी से मना करने वाले ऑटो रिक्शा पर हम कार्रवाई कर सकते हैं।"

करिश्मा जामवाल की खुदी हुई सड़क की शिकायत पर BMC के वार्ड ऑफिस के एक अधिकारी ने कहा, "सीवर की दिक्कत की वजह से सड़क खोदी गई थी। अब खुदा हुआ हिस्सा दोबारा बना दिया गया है और सड़क का उभार समतल कर दिया गया है।"

कबूतरों को दाना डालने के मुद्दे और BEST के रास्ते दोबारा शुरू करने की मांग पर अब तक कोई जवाब नहीं आया है।

जन्म प्रमाणपत्र की अड़चनों पर एक जागरूक नागरिक की शिकायत का BMC ने बिंदुवार जवाब दिया है। पहला मुद्दा प्रमाणपत्र मिलने में देरी का था। BMC के मुताबिक नए दर्ज हुए जन्म के प्रमाणपत्र कानून में तय समय के भीतर तुरंत दिए जाते हैं, लेकिन पुराने रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन में पुराने रिकॉर्ड और कागजात की जांच करनी पड़ती है, इसलिए वक्त लगता है।

दूसरा मुद्दा यह था कि मौजूदा जन्म रिकॉर्ड में सुधार से पहले नए फॉर्मेट का प्रमाणपत्र जरूरी है। तीसरे बिंदु में BMC ने इस नई प्रक्रिया का आधार बताया। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया और चीफ रजिस्ट्रार, जन्म और मृत्यु, महाराष्ट्र राज्य, पुणे के 19.06.2026 के दिशानिर्देशों के मुताबिक 2016 से पहले के जन्म रिकॉर्ड को मुख्य रिकॉर्ड से जांचने के बाद जैसे हैं वैसे ही पहले सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पोर्टल पर डिजिटाइज करके दर्ज करना जरूरी है। फिर रिकॉर्ड CRS पोर्टल पर अपलोड होते हैं और QR कोड वाले प्रमाणपत्र बनते हैं। इसके बाद तय प्रक्रिया और लागू दिशानिर्देशों के मुताबिक सुधार किए जा सकते हैं। पुराने प्रमाणपत्र का डिजिटाइजेशन चाहने वालों को पहले जारी हुआ जन्म प्रमाणपत्र दिखाना होगा, ताकि रिकॉर्ड की पहचान और जांच हो सके।

चौथा मुद्दा रोज के कोटे का था। BMC ने कहा कि प्रमाणपत्र जारी करने की ऐसी कोई सीमा नहीं है, लेकिन यह मौजूदा काम के बोझ पर निर्भर करता है। पांचवें मुद्दे, यानी ऑनलाइन डाउनलोड पर, BMC ने बताया कि नागरिक प्रमाणपत्र तभी डाउनलोड कर सकते हैं जब रजिस्ट्रेशन के वक्त आवेदक का ईमेल आईडी सिस्टम में सही दर्ज हुआ हो और सूचना देने वाले को उसकी ईमेल पुष्टि मिल चुकी हो।

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