सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

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मंत्री दादा भुसे और अधिकारियों ने पकड़ा अंतरपट, नरहरी झिरवाल ने गाई मंगलाष्टिका, नाशिक की शादी की चर्चा

नाशिक जिला परिषद की पहल पर शहर की पांच एकल महिलाओं का सामूहिक विवाह हुआ, जिसमें मंत्री और अधिकारी शादी की रस्मों और नाच में शामिल हुए।

मंत्री दादा भुसे और अधिकारियों ने पकड़ा अंतरपट, नरहरी झिरवाल ने गाई मंगलाष्टिका, नाशिक की शादी की चर्चा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नाशिक शहर में हुई एक अनोखी शादी की इन दिनों खूब चर्चा है। शादी हर किसी की जिंदगी का बहुत अहम और खुशी का मौका होता है, और ऐसे मौके पर सैकड़ों, हजारों हाथ शुभकामनाएं और आशीर्वाद देने के लिए उठते हैं। लेकिन नाशिक की यह शादी बाकी शादियों से अलग रही। वजह यह कि इस समारोह का आयोजन नाशिक जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार की पहल पर हुआ था। इतना ही नहीं, मंत्री खुद अंतरपट पकड़ने और मंगलाष्टिका गाने के लिए मौजूद थे।

जिला परिषद की मुख्य इमारत में शहर की पांच एकल महिलाओं का सामूहिक विवाह बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ। इस मौके पर मंत्री नरहरी झिरवाल ने खुद मंगलाष्टिका गाई। अंतरपट पकड़ने वालों में मंत्री दादा भुसे और अधिकारी शामिल थे। समारोह में खास मेहमानों के हाथों महिलाओं को गृहस्थी का सामान खरीदने के लिए चेक भी बांटे गए।

बराती के तौर पर राजनीतिक लोग भी इस शादी में मौजूद थे। मंत्री दादा भुसे और मंत्री नरहरी झिरवाल के अलावा सांसद भास्कर भगरे, विधायक हिरामण खोसकर और शिवसेना के उपनेता अजय बोरस्ते भी आए थे। सब लोग बराती की तरह इस खुशी के माहौल का हिस्सा बने।

शादी में इन लोगों ने डांस भी किया, और नरहरी झिरवाल के डांस की तारीफ हो रही है। झिरवाल के साथ मंत्री दादा भुसे, विधायक हिरामण खोसकर, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार और सरकारी अधिकारियों ने भी पारंपरिक वाद्य की ताल पर ठेका लगाया। संभल वाद्य पर मंत्री और अधिकारी नाचे, इसी वजह से इस शादी की हर तरफ बात हो रही है।

राज्य सरकार ने एकल महिलाओं को लेकर जो फैसला लिया था, उसके बाद नाशिक जिला परिषद की तरफ से इन महिलाओं को फिर से मुख्य धारा में लाने की कोशिश की गई। खुशी और उत्साह के माहौल में पांच महिलाओं ने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की।

यह सामूहिक विवाह समारोह महात्मा फुले की 200वीं जयंती के मौके पर रखा गया था। मकसद यह था कि एकल महिलाओं को समाज में सम्मान मिले और उनका आत्मविश्वास बढ़े। इसी सोच के साथ यह पूरा आयोजन किया गया।

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